Hardoi : मेडिकल कॉलेज में जटिल रीढ़ सर्जरी से महिला को मिली नई जिंदगी, डॉक्टर विनीश वर्मा की टीम ने किया कमाल

अन्नपूर्णा विकासखंड हरियावा के लिलवल गांव की रहने वाली हैं। कुछ महीने पहले घर की छत पर बंदर भगाते समय उनका पैर फिसला और वे नीचे गिर पड़ीं। गिरने से उनकी रीढ़ की हड्डी का L2 हिस्सा बु

Dec 3, 2025 - 13:11
39 Views
Hardoi : मेडिकल कॉलेज में जटिल रीढ़ सर्जरी से महिला को मिली नई जिंदगी, डॉक्टर विनीश वर्मा की टीम ने किया कमाल
Hardoi : मेडिकल कॉलेज में जटिल रीढ़ सर्जरी से महिला को मिली नई जिंदगी, डॉक्टर विनीश वर्मा की टीम ने किया कमाल

हरदोई। हरदोई मेडिकल कॉलेज ने एक गरीब परिवार की उम्मीदों को हकीकत में बदल दिया है। यहां के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विनीश वर्मा और उनकी टीम ने एक जटिल रीढ़ की हड्डी की सर्जरी कर लिलवल गांव की अन्नपूर्णा को मौत के मुंह से बचा लिया। यह सर्जरी न केवल मरीज की जान बचाने वाली थी, बल्कि इसे पूरी तरह मुफ्त करने से इलाके की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई मिली है। बड़े शहरों के अस्पतालों में लाखों का खर्च बताकर इनकार करने वाले निजी केंद्रों के बाद यह सफलता सरकारी अस्पतालों की क्षमता को साबित करती है। अन्नपूर्णा विकासखंड हरियावा के लिलवल गांव की रहने वाली हैं। कुछ महीने पहले घर की छत पर बंदर भगाते समय उनका पैर फिसला और वे नीचे गिर पड़ीं। गिरने से उनकी रीढ़ की हड्डी का L2 हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि अन्नपूर्णा न चल-फिर सकीं, न ही बिस्तर से उठ सकीं। दर्द से तड़पती रहीं और परिवार की चिंता बढ़ती गई।

परिजनों ने बेटी को बचाने के लिए लखनऊ के कई बड़े अस्पतालों का चक्कर लगाया। हर जगह डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी, लेकिन खर्च 2 से 3 लाख रुपये बताया। एक मजदूर परिवार के लिए यह रकम पहाड़ जैसी थी। कर्ज लेना संभव न होने से इलाज रुक गया और अन्नपूर्णा की हालत और बिगड़ने लगी। माता-पिता बेबस होकर रोते रहे, लेकिन कोई रास्ता न दिखा। आखिरकार, 23 नवंबर को परिवार ने अंतिम उम्मीद लेकर हरदोई मेडिकल कॉलेज का रुख किया। यहां डॉक्टर विनीश वर्मा से बात हुई। वर्मा ने मरीज की दशा देखी, जांच कराई और तुरंत भर्ती करने का फैसला लिया। एमबीबीएस व एमएस ऑर्थोपेडिक सर्जन वर्मा ने कहा कि यह सर्जरी आसान नहीं है। रीढ़ की हड्डी का यह ऑपरेशन बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में ही होता है, लेकिन वे इसे संभाल लेंगे।

27 नवंबर को डॉक्टर विनीश वर्मा, उनके साथी डॉक्टर अविक रॉय और तकनीशियन पुनीत किशोर ने सर्जरी शुरू की। कई घंटे लंबी यह प्रक्रिया बेहद जोखिम भरी थी। डॉक्टरों को हड्डी के टुकड़ों को जोड़ना था, ताकि मरीज फिर से सामान्य हो सके। टीम की कुशलता से सब कुछ ठीक रहा। सर्जरी सफल हुई और अन्नपूर्णा को नया जीवन मिल गया। पूरी प्रक्रिया जांच से लेकर ऑपरेशन और दवाओं तक बिना किसी पैसे के की गई। सर्जरी के बाद अन्नपूर्णा की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। अब वे खतरे से बाहर हैं और जल्द ही घर लौटकर सामान्य दिनचर्या निभा सकेंगी। परिजनों ने डॉक्टर विनीश वर्मा को अपना रक्षक बताया। पिता ने कहा कि जहां बड़े डॉक्टरों ने मना कर दिया, वहां सरकारी अस्पताल ने चमत्कार कर दिखाया। यह घटना साबित करती है कि हरदोई मेडिकल कॉलेज अब गंभीर बीमारियों के इलाज में पूरी तरह तैयार है।

Also Click : Deoband : तीन शातिर चोर गिरफ्तार, नगर व देहात क्षेत्र में दुकानों को बनाते थे निशाना

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow