Hardoi : भदैंचा रजबहा कटने से तीन गांवों की चार सौ बीघा फसल जलमग्न, विभाग की लापरवाही से खेत बने तालाब

किसानों ने खुद कई बार नहर बांधने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। एक किसान ने जेसीबी से कटाव भरवाने का प्रयास किया, फिर

Dec 30, 2025 - 23:23
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Hardoi : भदैंचा रजबहा कटने से तीन गांवों की चार सौ बीघा फसल जलमग्न, विभाग की लापरवाही से खेत बने तालाब
Hardoi : भदैंचा रजबहा कटने से तीन गांवों की चार सौ बीघा फसल जलमग्न, विभाग की लापरवाही से खेत बने तालाब

सहोरिया विकासखंड के अंतर्गत सहोरिया बुर्जुग के पास भदैंचा रजबहा में करीब दस फीट तक कटाव होने से तीन गांवों - सहोरिया बुर्जुग, पेऊंदी और मतुआ - की लगभग चार सौ बीघा रबी फसल जलमग्न हो गई। प्रभावित फसलों में आलू, सरसों और अन्य रबी फसलें शामिल हैं। किसानों के अनुसार एक सप्ताह पहले बन्नापुर-सहोरिया के पास यह कटाव हुआ, जिससे पानी तेजी से बहकर खेतों में फैल गया।

ग्रामीणों ने अगले दिन ही पटरोल और राजस्व लेखपाल को सूचना दी, लेकिन नहर विभाग ने न पानी बंद करवाया और न ही कटाव को बांधा। किसानों ने खुद कई बार नहर बांधने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। एक किसान ने जेसीबी से कटाव भरवाने का प्रयास किया, फिर भी विभाग की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची।प्रभावित किसानों में विद्यादेवी, राकेश कुमार, गिरिजा, दुलारी, मुन्ना सिंह, अरुण सिंह, विजय प्रकाश, दीनानाथ, कन्हैयालाल, विजय पाल, अजय, मूलचंद, सुरेश, नौशाद, मनोज कुमार, अशरफ अली आदि शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि हर साल रजबहा की सिल्ट सफाई होती है, लेकिन सहोरिया पुलिया से गांव के अंत तक कई वर्षों से सफाई नहीं हुई। इसी कारण नहर ओवरफ्लो होकर पीछे की ओर कट जाती है। लेखपाल को सूचना देने पर उन्होंने कहा कि यह नहर विभाग की जिम्मेदारी है। विभाग की लापरवाही से किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है और खेत अब तालाब बन चुके हैं। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

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