Hardoi : 72 करोड़ की फोर लेन सड़क परियोजना पर सियासी घमासान शुरू, सांसद जय प्रकाश और मंत्री नितिन अग्रवाल के समर्थकों बीच सोशल मीडिया वॉर जारी

हाल ही में राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर परियोजना के लिए शीघ्र बजट आवंटन और कार्य शुरू करने का अनुरोध किया। दूस

Jul 31, 2025 - 22:43
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Hardoi : 72 करोड़ की फोर लेन सड़क परियोजना पर सियासी घमासान शुरू, सांसद जय प्रकाश और मंत्री नितिन अग्रवाल के समर्थकों बीच सोशल मीडिया वॉर जारी
Hardoi : 72 करोड़ की फोर लेन सड़क परियोजना पर सियासी घमासान शुरू, सांसद जय प्रकाश और मंत्री नितिन अग्रवाल के समर्थकों बीच सोशल मीडिया वॉर जारी

हरदोई : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पिहानी चुंगी से खेतुई तक प्रस्तावित 72 करोड़ रुपये की फोर लेन सड़क परियोजना को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सांसद जय प्रकाश रावत और राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के समर्थकों के बीच श्रेय लेने की होड़ ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है। मार्च 2025 में व्यय वित्त समिति (EFC) से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद इस परियोजना के लिए अभी तक बजट आवंटन नहीं हुआ है, जिसने सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है।लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, पिहानी चुंगी से खेतुई तक प्रस्तावित इस फोर लेन सड़क परियोजना की लागत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह सड़क हरदोई शहर के लिए यातायात को सुगम बनाने और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तकनीकी स्वीकृति के बाद भी बजट आवंटन में देरी के कारण परियोजना का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। इस बीच, स्थानीय नेताओं ने इस परियोजना को अपने अपने नेताओं की उपलब्धि के रूप में पेश करने की कोशिश शुरू कर दी है।हाल ही में राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर परियोजना के लिए शीघ्र बजट आवंटन और कार्य शुरू करने का अनुरोध किया। दूसरी ओर, सांसद जय प्रकाश रावत ने भी पहले मुख्यमंत्री से इस सड़क परियोजना के लिए चर्चा की थी और गुरुवार शाम को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने परियोजना की स्वीकृति को अपनी पहल से जोड़ा, जिसके बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जंग छिड़ गई।सोशल मीडिया पर सांसद और मंत्री के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं को इस परियोजना का श्रेय देने के लिए तस्वीरें और पत्र साझा करने शुरू कर दिए। कुछ समर्थकों ने मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट कीं, तो कुछ ने परियोजना के प्रस्ताव और स्वीकृति से जुड़े दस्तावेजों की तस्वीरें साझा कर अपनी-अपनी उपलब्धि गिनाईं। इस सियासी खींचतान ने न केवल सोशल मीडिया को गहमागहमी का अड्डा बना दिया, बल्कि कई समर्थकों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

उधर, सांसद जयप्रकाश रावत ने बात करते हुए कहा कि उन्होंने 22 जुलाई को सीएम योगी से मुलाकात कर इस विषय को रखा था, जिस पर सीएम योगी ने इसकी स्वीकृति के लिए कहा था। उन्होंने आगे कहा कि वे पिछले 3 वर्ष से इसके लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।हरदोई में यह पहला मौका नहीं है जब सांसद जय प्रकाश और राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के बीच तनाव सामने आया हो। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा होती रही है। सार्वजनिक मंचों और कार्यक्रमों में दोनों नेताओं का एक साथ नजर न आना और एक-दूसरे से दूरी बनाए रखना इस तनाव का स्पष्ट संकेत है। अब यह सड़क परियोजना जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य को लेकर दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा के रूप में सामने आ रहा है।कुछ लोगों का मानना है कि यह सियासी तनाव विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है। यह सड़क हमारे लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि पिहानी चुंगी से खेतुई तक का मार्ग यातायात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन नेताओं की यह श्रेय की लड़ाई परियोजना में देरी का कारण बन सकती है। किसी ने कहा कि हमें नेताओं की आपसी खींचतान से कोई मतलब नहीं, बस सड़क जल्दी बन जाए।

इस बीच, हरदोई में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में, नवंबर 2024 में, मुख्यमंत्री योगी ने हरदोई में खराब सड़क निर्माण को लेकर नाराजगी जताई थी और 16 इंजीनियरों को निलंबित किया गया था, जिसमें तत्कालीन अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र भी शामिल थे। इस घटना ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। अब इस नई परियोजना के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने हरदोई के सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पिहानी चुंगी से खेतुई तक की इस फोर लेन सड़क परियोजना को शीघ्र शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। हालांकि, बजट आवंटन में देरी और सियासी खींचतान इस परियोजना की राह में बाधा बन रही है।

यह परियोजना न केवल हरदोई शहर के लिए, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यातायात की भीड़ को कम करने और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद करेगी। स्थानीय व्यापारी और किसान इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन जब तक बजट आवंटन और निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक यह सियासी जंग और सोशल मीडिया वार स्थानीय जनता के बीच चर्चा का विषय बना रहेगा। हरदोई की जनता अब यह उम्मीद कर रही है कि सांसद और मंत्री के समर्थकों बीच की यह श्रेय की लड़ाई जल्द खत्म हो और परियोजना का काम तय समय पर शुरू हो, ताकि विकास की गति को बल मिल सके।

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