Hardoi News: नवजात शिशु चोरी का मामला सुलझा- हरदोई पुलिस ने 24 घंटे में बच्चे को सकुशल बरामद कर दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने कड़ी मेहनत और तकनीकी सहायता से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बरामदगी के बाद...
By INA News Hardoi
हरदोई : जिला महिला चिकित्सालय, हरदोई में 26 जून 2025 को सुबह 4:30 बजे एक छह दिन के नवजात शिशु के चोरी होने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में कोतवाली शहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 26 जून 2025 को पीड़ित शिवकांत दीक्षित, पुत्र रामासरे दीक्षित, निवासी ग्राम बिलहरी, थाना हरियावां, जनपद हरदोई ने कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई कि एक अज्ञात महिला ने जिला महिला चिकित्सालय से उनके छह दिन के नवजात शिशु को चोरी कर लिया है। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली शहर में मुकदमा संख्या 450/25, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक, हरदोई ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक पुलिस टीम का गठन किया, जिसका नेतृत्व क्षेत्राधिकारी नगर ने किया। पुलिस ने अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बच्चा चोरी करने वाली महिला और उसके सहयोगी की पहचान की।
पुलिस ने कड़ी मेहनत और तकनीकी सहायता से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बरामदगी के बाद बच्चे के परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियंका राठौर, पत्नी रजनीश, निवासी ग्राम फर्दापुर, कोतवाली शहर, हरदोई और हिमांशु राठौर उर्फ दुर्गेश, पुत्र राजकुमार, निवासी मोहल्ला खिड़किया, कस्बा व थाना सांडी, जनपद हरदोई के रूप में हुई। पूछताछ में प्रियंका राठौर ने बताया कि उसे लंबे समय से कोई संतान नहीं हुई थी, जिसके कारण उसने अपने भाई हिमांशु राठौर के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। दोनों ने योजना बनाकर जिला महिला चिकित्सालय से नवजात शिशु को चुराया था।
इस सफल कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्यागी, उपनिरीक्षक विश्वास शर्मा, कांस्टेबल प्रेमवीर, रवीश, गौरव कुमार, प्रवींद्र, ओमवीर (सर्विलांस सेल), और महिला कांस्टेबल ज्योति मौर्य शामिल थे। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पूछताछ के आधार पर इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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