'मैं कोई गुड लुकिंग हीरो नहीं हूं', अन्नू कपूर ने प्रियंका चोपड़ा के साथ हुए 'किसिंग सीन' विवाद पर तोड़ी चुप्पी
सिनेमा के जानकारों के बीच इस बात को लेकर हमेशा दो राय रही है कि क्या एक कलाकार को अपनी पसंद के आधार पर पटकथा के दृश्यों को बदलने का हक है। अन्नू कपूर का तर्क है कि फिल्म एक सामूहिक प्रयास है और इसमें निर्देशक की सोच सर्वोप
- '7 खून माफ' के सेट से उभरा मतभेद: उम्र के फासले और अभिनय की मर्यादाओं के बीच फंसा वह चर्चित किस्सा
भारतीय सिनेमा जगत में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जो वर्षों बीत जाने के बाद भी चर्चा का केंद्र बनी रहती हैं। ऐसा ही एक मामला विशाल भारद्वाज की साल 2011 में आई फिल्म '7 खून माफ' से जुड़ा है, जो एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने सात अलग-अलग पतियों वाली एक महिला का किरदार निभाया था, जिनमें से एक पति का रोल दिग्गज अभिनेता अन्नू कपूर ने किया था। उस दौरान यह खबरें जोरों पर थीं कि प्रियंका चोपड़ा ने अन्नू कपूर के साथ एक अंतरंग दृश्य और 'किसिंग सीन' करने से साफ मना कर दिया था। अब सालों बाद, अन्नू कपूर ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बेबाक राय साझा की है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा है कि शायद उनके लुक्स और उनके 'हीरो' न होने की वजह से अभिनेत्री ने उनके साथ वे दृश्य करने में असहजता दिखाई होगी।
अन्नू कपूर ने अपने हालिया बयानों में इस बात पर जोर दिया है कि अभिनय की दुनिया में पेशेवर व्यवहार सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने उस समय के माहौल को याद करते हुए बताया कि जब फिल्म की स्क्रिप्ट की मांग के अनुसार कुछ दृश्यों को फिल्माया जाना था, तो प्रियंका चोपड़ा ने उन पर आपत्ति जताई थी। अभिनेता का मानना है कि अगर उनकी जगह कोई मुख्यधारा का बड़ा और 'गुड लुकिंग' हीरो होता, तो शायद अभिनेत्री को उन दृश्यों को करने में कोई परेशानी नहीं होती। अन्नू कपूर ने अपने तीखे अंदाज में कहा कि चूंकि वे एक चरित्र अभिनेता हैं और उस समय भी उनकी छवि एक पारंपरिक हीरो की नहीं थी, इसलिए उनके साथ काम करने में इस तरह के नखरे दिखाए गए। यह बयान बॉलीवुड के भीतर मौजूद 'हीरो कल्चर' और सुंदरता के मानकों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। प्रियंका चोपड़ा और अन्नू कपूर के बीच की यह खाई उस समय इतनी बढ़ गई थी कि दोनों के बीच बातचीत तक बंद होने की खबरें आई थीं। प्रियंका चोपड़ा ने उस वक्त पलटवार करते हुए कहा था कि अगर किसी को अंतरंग दृश्य करने हैं, तो उसे वैसी फिल्में करनी चाहिए, लेकिन '7 खून माफ' की कहानी और उनके किरदार की गरिमा के लिए वे दृश्य जरूरी नहीं थे। अभिनेत्री ने अन्नू कपूर के बयानों को 'अजीब' करार दिया था। हालांकि, अन्नू कपूर अब भी अपनी बात पर कायम हैं और उनका कहना है कि वे केवल अपनी कला के प्रति ईमानदार थे। उन्होंने कहा कि उनके लिए अभिनय केवल एक पेशा है और वे सेट पर किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत अहंकार को जगह नहीं देते, लेकिन जब उनके सह-कलाकार असहयोग करते हैं, तो फिल्म की गुणवत्ता पर असर पड़ता है।
'7 खून माफ' और विवादों का सफर
रस्किन बॉन्ड की कहानी 'सुसानास सेवेन हसबैंड्स' पर आधारित यह फिल्म अपनी डार्क थीम के लिए जानी जाती है। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के पतियों के रूप में नील नितिन मुकेश, जॉन अब्राहम, इरफान खान, अलेक्जेंडर दयाचेंको, अन्नू कपूर और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकार थे। अन्नू कपूर ने फिल्म में एक पुलिस अधिकारी 'कीमत लाल' की भूमिका निभाई थी, जो सुसाना (प्रियंका) का पांचवां पति बनता है। फिल्म के इस हिस्से में दोनों के बीच काफी तनावपूर्ण संबंध दिखाए गए थे, जो ऑफ-स्क्रीन विवाद के कारण और अधिक चर्चा में आ गए। सिनेमा के जानकारों के बीच इस बात को लेकर हमेशा दो राय रही है कि क्या एक कलाकार को अपनी पसंद के आधार पर पटकथा के दृश्यों को बदलने का हक है। अन्नू कपूर का तर्क है कि फिल्म एक सामूहिक प्रयास है और इसमें निर्देशक की सोच सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर निर्देशक ने कोई दृश्य सोचा है, तो उसे कलाकार की पसंद-नापसंद की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, प्रियंका द्वारा सीन को मना करना केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं था, बल्कि यह उनके जैसे कलाकारों के प्रति एक खास नजरिए को भी दर्शाता है। अन्नू कपूर ने मजाकिया लेकिन तल्ख लहजे में कहा कि "मैं कोई शाहरुख खान या सलमान खान नहीं हूं, मैं तो बस एक साधारण कलाकार हूं, शायद इसीलिए मेरे साथ सीन करना उन्हें पसंद नहीं आया।"
उम्र के फासले को भी इस विवाद की एक बड़ी वजह माना गया था। फिल्म की शूटिंग के वक्त प्रियंका चोपड़ा और अन्नू कपूर की उम्र में लगभग 27 साल का अंतर था। अक्सर बॉलीवुड में अभिनेत्रियां अपने से काफी बड़े अभिनेताओं के साथ काम करने में झिझकती हैं, विशेषकर जब दृश्यों में शारीरिक निकटता की बात आती है। हालांकि, अन्नू कपूर का कहना है कि जब वे अभिनय करते हैं, तो वे केवल अपने किरदार को देखते हैं, अपनी वास्तविक उम्र या पहचान को नहीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार फिल्मों में कलाकार ऐसी भूमिकाएं निभाते हैं जो उनके वास्तविक स्वभाव के विपरीत होती हैं, और यही अभिनय की असली परीक्षा है। उनके लिए वह दृश्य केवल फिल्म का एक हिस्सा था, जिसे प्रियंका ने व्यक्तिगत रूप से ले लिया। इस विवाद का असर फिल्म के प्रमोशन के दौरान भी साफ देखा गया था। दोनों कलाकारों ने एक साथ मंच साझा करने से परहेज किया था। प्रियंका चोपड़ा ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा था कि अन्नू कपूर एक वरिष्ठ कलाकार हैं और वे उनका सम्मान करती हैं, लेकिन उनके बयानों ने उन्हें काफी दुख पहुंचाया था। दूसरी ओर, अन्नू कपूर ने कभी माफी नहीं मांगी और न ही अपनी बात से पीछे हटे। आज भी जब उनसे इस बारे में पूछा जाता है, तो वे वही बात दोहराते हैं कि सिनेमा में प्रतिभा को चेहरे की चमक से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय बदल गया है लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता अब भी वही है कि वे केवल स्थापित चेहरों के साथ ही सहज महसूस करते हैं।
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