Deoband News: वक्फ संशोधन विधयेक पास हुआ तो जमीयत जाएगी सुप्रीम कोर्ट- मदनी
मदनी ने कहा कि 13 फरवरी 2025 को जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि यदि नया वक्फ कानून पास हो जाता ...
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने दो टूक कहा कि अगर वक्फ संशोधन विधयेक पास होता तो जमीयत इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। इसके साथ ही जमीयत की सभी इकाईयां अपने-अपने प्रांतों में इसके विरुद्ध अदालत में चुनौती देंगी।
मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि मुसलमानों को अपने अधिकारों की बहाली के लिए सडकों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मुसलमानों पिछले बारह वर्षों से भी अधिक समय से संयम और धैर्य का परिचय दे रहे हैं, लेकिन अब सरकार जबरदस्ती पर उतर आई है और वे जबरन असांवैधानिक कानून लाना चाह रही है। ऐसे में हमारे पास विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
मदनी ने कहा कि 13 फरवरी 2025 को जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि यदि नया वक्फ कानून पास हो जाता है, तो जमीयत की सभी प्रांतीय इकाइयां इसे अपने-अपने राज्यों के उच्च न्यायालय में चुनौती देंगी। जबकि हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हमें विश्वास है कि न्याय जरुर मिलेगा। मौलाना अरशद मदनी ने बिल के खिलाफ 13 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की। कहा कि ऐसा कोई कानून स्वीकार्य नहीं होगा जिससे वक्फ की मूल प्रकृति और वाकिफ (वक्फ करने वाले) की मंशा बदल जाए।
- वक्फ की धार्मिक पहचान समाप्त करने की कोशिश: महमूद मदनी
जमीयत के दूसरे गुट के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के 13 मार्च को दिल्ली में होने वाली विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने का एलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुसलमानों से इसको ऐतिहासिक बनाने की अपील की है। मौलाना महमूद मदनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार का वक्फ संशोधन बिल पर अडिग रहना मुस्लिम वक्फ की धार्मिक पहचान को समाप्त करने की कोशिश है।
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