पवित्र नगरी में शराबबंदी की उड़ी धज्जियां: ढाबों पर शराब, मंदिर के पास सट्टा, पुलिस ने सात सटोरियों सहित कई आरोपियों को किया गिरफ्तार।
MP News: मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरियों में लागू शराबबंदी व्यवस्था अब नई चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। प्रदेश की 17 पवित्र नगरियों...
शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
MP News: मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरियों में लागू शराबबंदी व्यवस्था अब नई चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। प्रदेश की 17 पवित्र नगरियों में शराबबंदी लागू होने के बाद जहाँ एक ओर सरकार ने इसे नैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से सराहा, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत में अवैध शराब का कारोबार गली-गली में पाँव पसारने लगा है।
विशेषकर ताप्ती कुंड गली, जो श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थ क्षेत्र है, वहाँ आसपास के ढाबे शराबियों के अड्डे बनते जा रहे थे। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए मुलताई पुलिस द्वारा आज एक सघन और साहसी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसने अपराधियों में खलबली मचा दी है।
पुलिस ने आज देवकरण डेहरिया, मसौदा रोड, ताप्ती परिक्रमा मार्ग सहित अनेक स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान सट्टा गतिविधियों और अवैध शराब के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई। इन सभी के विरुद्ध सट्टा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन्हें घटनास्थल से रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
इसी दौरान मसौदा रोड स्थित ढाबे से राकेश पिता सुकराम पुनीकर को 19 पाव देशी शराब के साथ पकड़ा गया। आसपास के क्षेत्रों में भी सघन छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध शराब की कई खेपें ज़ब्त की गईं।
पुलिस की इस सतर्कता और तेज़ कार्रवाई का सबसे अहम पहलू था — मुख्य सटोरिये खाईबाड़ पवन निवासी आमला की गिरफ्तारी। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 49 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। यह व्यक्ति लंबे समय से ताप्ती परिक्रमा मार्ग और उसके आस-पास सट्टे और अवैध गतिविधियों के संचालन में सक्रिय था।
विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि थाना प्रभारी स्वयं सिविल ड्रेस में आम नागरिक के रूप में शनि मंदिर पहुँचीं। वहाँ मंदिर के सामने असामान्य भीड़ और हलचल को भाँपते हुए उन्होंने तत्काल निर्णय लेते हुए पुलिस बल बुलाया और मौके पर 7 सटोरियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की कार्यवाही सराहनीय
इस पूरी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुलताई पुलिस न केवल सतर्क है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर भी है। जहाँ एक ओर आबकारी विभाग की उदासीनता और शराब माफियाओं की सक्रियता चुनौतियाँ बन रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि पवित्र नगरियों में शांति और नैतिकता के लिए प्रतिबद्धता अब भी जीवित है।
स्थानीय जनता ने भी इस कार्यवाही की खुले मन से सराहना की है और आशा जताई है कि भविष्य में भी ऐसे कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे, जिससे धार्मिक वातावरण को दूषित करने वाली ताक़तों पर रोक लग सके।
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