Lucknow : कृषि मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के नवीन शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया

बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त द्वारा प्रस्तुत किए गए विवरण के अनुसार, संस्थान ने नई शिक्षा नीति-2020 और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मानकों के अनुरूप नए शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ करने की

May 14, 2026 - 00:12
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Lucknow : कृषि मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के नवीन शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया
Lucknow : कृषि मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के नवीन शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया

  • विश्वविद्यालय में 07 नए स्नातक, 11 स्नातकोत्तर और 05 पीएच.डी. पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव
  • परिसर में पर्यावरण संरक्षण हेतु ई-बस, इलेक्ट्रिक शटल और साइकिलों के उपयोग के निर्देश दिए

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों और पाठ्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण के सम्बंध में आयोजित प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक तकनीक को पाठ्यक्रम में शामिल करने के प्रयासों की सराहना की।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त द्वारा प्रस्तुत किए गए विवरण के अनुसार, संस्थान ने नई शिक्षा नीति-2020 और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मानकों के अनुरूप नए शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ करने की पहल की है। विश्वविद्यालय ने अपनी प्रवेश क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से 07 नए स्नातक, 11 नए स्नातकोत्तर और 05 नए पीएच.डी. कार्यक्रमों की विस्तृत योजना प्रस्तुत की है। इसके अतिरिक्त, युवाओं के कौशल विकास हेतु 34 नए व्यावसायिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम और 08 नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
प्रस्तुतीकरण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नई शिक्षा नीति के तहत समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को प्राथमिकता दी जा रही है। विश्वविद्यालय आगामी सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और रोबोटिक्स जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में शोध और अध्ययन को बढ़ावा देगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अवगत कराया कि वर्तमान में संस्थान के पास 190 संकाय सदस्य उपलब्ध हैं और 163 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, जिसमें 37 पद विज्ञापित किए जा चुके हैं। संस्थान के पास 562.5 एकड़ का विस्तृत परिसर, 130 आधुनिक प्रयोगशालाएँ, 81 स्मार्ट कक्षाएँ और केंद्रीय पुस्तकालय जैसी विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रस्तावित नए पाठ्यक्रमों में बी.एससी. (ऑनर्स) नेचुरल फार्मिंग, बी.एससी. (मैथमेटिक्स एंड कम्प्यूटिंग), एम.एससी. ऑर्गेनिक फार्मिंग और एमबीए (एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट) जैसे रोजगारपरक विषय शामिल हैं। 
कृषि मंत्री ने इन नवाचारी प्रयासों को प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा और ईंधन की बचत हेतु कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी कृषि विश्वविद्यालय कैंपस के भीतर आवागमन के लिए इलेक्ट्रॉनिक बस, इलेक्ट्रिक शटल और कम से कम 100 साइकिलों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिससे ईधन की तो बचत होगी ही पर्यावरण का संरक्षण भी होगा तथा मानव स्वास्थ्य में भी सुधार आयेगा। इस दौरान प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र उपस्थित थे।

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