Lucknow : लखनऊ में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा बिक रहा, पतंगबाजों की पहली पसंद
चाइनीज मांझा नायलॉन से बना होता है, जिसमें शीशे का पाउडर मिलाया जाता है। इससे यह इतना तेज धारदार हो जाता है कि किसी की गर्दन भी काट सकता है। कई हादसों के
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझा प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा है। यह मांझा खुलेआम नहीं तो चोरी-छिपे जरूर उपलब्ध है। मजबूत और तेज धार होने के कारण पतंगबाज इसे सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। चाइनीज मांझा नायलॉन से बना होता है, जिसमें शीशे का पाउडर मिलाया जाता है। इससे यह इतना तेज धारदार हो जाता है कि किसी की गर्दन भी काट सकता है। कई हादसों के बाद इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया और बिक्री रोकने के अभियान भी चले लेकिन इसका असर कम दिख रहा है। प्रतिबंध के कारण इसकी कीमत और बढ़ गई है।
कुछ चुनिंदा जगहों पर यह मांझा परिचित ग्राहकों को ही मिल पाता है। देसी मांझा महंगा पड़ता है जबकि चाइनीज मांझा सस्ता और ज्यादा प्रभावी होने से पतंगबाज इसी की मांग करते हैं। लखनऊ में हर साल पतंग, डोरी और मांझे का व्यापार करोड़ों रुपये तक पहुंचता है। यह मांझा जानलेवा साबित हो रहा है। हाल के दिनों में कई जगहों पर चाइनीज मांझे से गले कटने के हादसे हुए हैं, जिनमें मौतें भी हुई हैं। प्रशासन प्रतिबंध लागू करने की कोशिश कर रहा है लेकिन बाजार में इसकी मौजूदगी जारी है।
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