Lucknow : पेट्रोल-डीजल और गैस की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, प्रदेश भर में हजारों छापे और मुकदमे दर्ज
प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस रिफिल की डिलीवरी कराई जा रही है। वर्तमान में सभी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घरेलू गैस सिलेंड
Gemini said
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। कालाबाजारी और अवैध बिक्री रोकने के लिए प्रदेश भर में बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 12 मार्च से अब तक 12,732 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले एलपीजी वितरकों के खिलाफ 25 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जबकि कालाबाजारी में शामिल 152 अन्य लोगों पर भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 185 व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपूर्ति में आने वाली किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए।
प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस रिफिल की डिलीवरी कराई जा रही है। वर्तमान में सभी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता निरंतर बनी हुई है। आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे बाजार में गैस की उपलब्धता और बेहतर हुई है।
स्थिति पर नजर रखने के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं ताकि आम जनता को बिना किसी परेशानी के ईंधन और गैस मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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