Lucknow : IAS प्रशिक्षु अधिकारियों को दिखाई उत्तर प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन रूपरेखा, 2047 तक 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या आने पर उसका समाधान करना और निवेशकों का भरोसा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपील की कि भविष्य

Dec 30, 2025 - 22:41
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Lucknow : IAS प्रशिक्षु अधिकारियों को दिखाई उत्तर प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन रूपरेखा, 2047 तक 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य
Lucknow : IAS प्रशिक्षु अधिकारियों को दिखाई उत्तर प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन रूपरेखा, 2047 तक 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी ने विंटर स्टडी टूर के तहत IAS प्रोफेशनल कोर्स फेज-1 (2025 बैच) के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक दल की मेजबानी की। इस दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन संरचना और सुशासन पर आधारित आर्थिक बदलाव को प्रस्तुत किया गया।

प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रेरणा शर्मा ने कहा कि निवेश प्रोत्साहन एजेंसी की मुख्य जिम्मेदारी सरकार की मंशा को निवेशकों के विश्वास में बदलना है। उन्होंने बताया कि पहले निवेश प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ‘निवेश मित्र’ की शुरुआत हुई। इस डिजिटल सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म से सभी अनुमोदन एक जगह लाए गए, जिससे निवेशकों के अनुभव में बड़ा सुधार हुआ।

उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या आने पर उसका समाधान करना और निवेशकों का भरोसा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपील की कि भविष्य में जिलाधिकारी या उपजिलाधिकारी बनने पर वे निवेशकों को सक्रिय सहायता दें, विभागों के बीच बेहतर समन्वय करें और जमीन पर समय पर सहयोग सुनिश्चित करें ताकि निवेश प्रस्ताव जल्दी साकार हो सकें।

सत्र में बताया गया कि इन्वेस्ट यूपी राज्य की एकमात्र निवेश प्रोत्साहन और सुविधा एजेंसी है, जो नीतिगत सहायता से लेकर परियोजना के क्रियान्वयन और संचालन तक हर चरण में निवेशकों की मदद करती है। उत्तर प्रदेश की निवेश रणनीति राष्ट्रीय दृष्टिकोण ‘विकसित भारत @2047’ के अनुरूप है। राज्य ने 2047 तक 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है।

चर्चा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टरों के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजन और मैन्युफैक्चरिंग व सेवा क्षेत्रों के लिए विशेष निवेश नीतियों पर विस्तार से बात हुई।

उत्तर प्रदेश के नीतिगत ढांचे की जानकारी दी गई, जिसमें औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति, समर्पित एफडीआई नीति और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए लक्षित प्रोत्साहन शामिल हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के लिए आगामी ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल-विंडो पोर्टल का जिक्र किया गया। इसमें 45 से अधिक विभाग जुड़े हैं और बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग से इसे मजबूत बनाया गया है। 525 से ज्यादा ऑनलाइन सेवाओं को करीब 200 व्यवस्थित सेवाओं में शामिल किया गया। नए पोर्टल में कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म लाया जाएगा, जिसमें डेटा और दस्तावेज की जरूरत कम होगी। तय समय-सीमा और एस्केलेशन व्यवस्था से पारदर्शिता और निवेशक सुविधा बढ़ेगी।

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