Lucknow : तीन वर्षों में यूपी में रू.2.37 लाख करोड़ निवेश प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023–24 से 2025–26) में कुल 137 बड़े निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई

By INA News Desk
Feb 9, 2026 - 21:26
28 Views
Lucknow : तीन वर्षों में यूपी में रू.2.37 लाख करोड़ निवेश प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
Lucknow : तीन वर्षों में यूपी में रू.2.37 लाख करोड़ निवेश प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
Advertisement
Advertisement

निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद राज्य बना यूपी; LoC जारी करने की प्रक्रिया में आई 2 गुना तेजी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। निवेशकों को दी जाने वाली सुविधाओं में तेजी लाते हुए 'इन्वेस्ट यूपी' ने लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी करने की प्रक्रिया में अभूतपूर्व सुधार किया है। शासन द्वारा गठित प्राधिकृत समिति (एम्पावर्ड कमेटी) की सक्रियता से निवेश प्रस्तावों के निस्तारण में बड़ी तेजी आई है।

राज्य सरकार की बेहतर नीतिगत दक्षता और प्रभावी क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि वित्त वर्ष 2025–26 में एलओसी जारी करने की रफ्तार दो गुना तक बढ़ी है। यह सुधार न केवल निवेशकों का मनोबल बढ़ा रहा है, बल्कि औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया को भी सुगम बना रहा है।

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023–24 से 2025–26) में कुल 137 बड़े निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में रू.2,37,599.86 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह निवेश पाइपलाइन राज्य सरकार की सक्रिय 'प्रोजेक्ट फेसिलिटेशन सिस्टम' और निवेशकों के निरंतर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। 

एलओसी जारी करने की वृद्धि का यह क्रम गति और परिमाण—दोनों में स्पष्ट है। वित्त वर्ष 2023–24 में रू.4,380.71 करोड़ के 10 निवेश प्रस्तावों का निस्तारण किया गया। जबकि वित्त वर्ष 2024–25 में यह संख्या बढ़कर 45 हो गयी जिनमें रू.43,099.41 करोड़ का निवेश शामिल रहा—जो निवेश के हिसाब से लगभग दस गुना वृद्धि है।

वित्त वर्ष 2025–26 में यह रफ्तार और तेज हुई है। इस वर्ष अब तक 42 प्रस्तावों का निस्तारण किया जा चुका है, जिनका निवेश मूल्य रू.75,873.17 करोड़ है। इसके अतिरिक्त रू.1,14,246.57 करोड़ मूल्य के 40 निवेश प्रस्ताव उच्च स्तरीय सक्षम समिति को भेजे जा चुके हैं।

अब तक कुल 97 निवेश प्रस्तावों (LoC) को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से अधिकतर पिछले एक साल में ही मंजूर हुए हैं। यह दिखाता है कि राज्य की डिजिटल प्रणाली और काम करने का तरीका अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और प्रभावी हो गया है। 

' लेटर ऑफ कम्फर्ट' (LoC) असल में सरकार का वह भरोसा है, जो निवेश की शर्तें पूरी होने पर कंपनियों को आर्थिक छूट और सुविधाएं सुनिश्चित करता है।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मंजूरी देने की इस तेज व्यवस्था से जिलों में प्रोजेक्ट्स पर काम जल्दी शुरू हो रहा है। 'इन्वेस्ट यूपी' निवेश को धरातल पर उतारकर रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहा है, जो उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।

नीतिगत उपलब्धियां:
•    उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन (IIEPP) नीति-2022 के तहत रू.1.11 लाख करोड़ के 85 प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं, जबकि रू.1.10 लाख करोड़ के 30 अन्य प्रस्ताव मंजूरी की कतार में हैं।

•    इसी प्रकार एफडीआई/एफसीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनी निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत रू.20,351.52 करोड़ के 21 प्रस्तावों का निस्तारण किया गया, जिनमें रू.12,500 करोड़ के 13 प्रस्ताव स्वीकृत तथा रू.7,800 करोड़ के 8 प्रकरण अनुमोदन हेतु अग्रसारित किए गए।

निवेश के क्षेत्रवार वितरण में पश्चिमांचल 32% स्वीकृत प्रस्तावों (LoC) के साथ सबसे आगे है, वही गाजियाबाद व गौतम बुद्ध नगर मिलकर 29% निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके बाद पूर्वांचल (23%) और मध्यांचल (15%) का स्थान है—जो राज्य में संतुलित क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को दर्शाता है।

You May Read : Lucknow : बुंदेलखंड में ‘हर घर नल’ से बहती उम्मीद की धारा, गांव की महिलाओं को अब पानी के लिए नहीं तलाश करने पड़ते कुंए

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement