Lucknow : योगी सरकार में मिशन वात्सल्य से बच्चों के भविष्य को मिल रहा नया सहारा
प्रदेश में किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की देखरेख और संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य में 60 राजकीय बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जहां जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित माहौ
- दत्तक ग्रहण, स्पॉन्सरशिप और पुनर्वास के जरिए एक लाख से अधिक बच्चों की बदली जिंदगी
- बाल संरक्षण व्यवस्था हुई मजबूत और प्रभावी, निखर रहा है बच्चों का भविष्य
लखनऊ : प्रदेश में बच्चों के संरक्षण, देखभाल और बेहतर भविष्य के लिए योगी सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य योजना ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में दत्तक ग्रहण की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसके लिए 75 विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित किए जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 से अब तक 1,962 बच्चों को दत्तक ग्रहण के माध्यम से नया परिवार मिला है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 306 बच्चों को गोद लेकर उनका पुनर्वास किया गया है।
स्पॉन्सरशिप और फॉस्टर केयर से मिल रहा सहारा
बच्चों को उनके परिवार के साथ ही बेहतर जीवन देने के उद्देश्य से स्पॉन्सरशिप (आर्थिक सहायता) और फॉस्टर केयर (पालन पोषण) योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। गत वर्ष से अब तक 42,776 बच्चों को स्पॉन्सरशिप का लाभ मिला है, जबकि 11 बच्चों को फॉस्टर केयर के तहत सहायता दी गई है। पिछले पांच वर्षों में 1,03,350 से अधिक बच्चों को उनके माता-पिता या अभिभावकों से मिलाया गया है, जो इस योजना की बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार बच्चों को परिवारिक माहौल देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
इस योजना के तहत बेसहारा, परित्यक्त और जरूरतमंद बच्चों को न केवल सुरक्षा दी जा रही है, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मिशन वात्सल्य के रूप में संचालित यह योजना बच्चों के समग्र विकास को केंद्र में रखकर काम कर रही है, जिससे हजारों बच्चों का जीवन नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मजबूत हो रही बाल संरक्षण की व्यवस्था
प्रदेश में किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की देखरेख और संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य में 60 राजकीय बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जहां जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित माहौल, शिक्षा और बेहतर जीवन के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की यह पहल बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
कौशल विकास से आत्मनिर्भर बन रहे बच्चे
योगी सरकार सिर्फ संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों और किशोर-किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दे रही है। मिशन के तहत अब तक 5,000 से अधिक किशोर-किशोरियों और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। इससे वे रोजगार के अवसरों से जुड़ रहे हैं और अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं।
कुल मिलाकर मिशन वात्सल्य योजना प्रदेश में बच्चों के जीवन को संवारने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है। योगी सरकार की इस पहल से यह साफ है कि बाल कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एक सुरक्षित और सशक्त भविष्य की नींव रखी जा रही है।
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