योगी (Yogi) सरकार ने उत्तर प्रदेश में 2023 में गांगेय डॉल्फिन (Dolphin) को घोषित किया है राज्य जलीय जीव
By INA News Lucknow.
योगी (Yogi) सरकार का प्रयास रंग लाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सातवीं बैठक इस पर मुहर लगी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने देश में पहली बार नदी डॉल्फिन (Dolphin) अनुमान रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश में नदी डॉल्फिन (Dolphin) की कुल संख्या 6,327 है। इसमें सर्वाधिक संख्या के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए नमामि गंगे मिशन (Namami Gange Mission) द्वारा किए जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप गंगा नदी में डॉल्फिन (Dolphin) का कुनबा बढ़ रहा है। करीब एक वर्ष पहले तक भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) के मुताबिक इस समय गंगा और उसकी सहायक नदियों में लगभग 4000 डॉल्फिन (Dolphin) मौजूद थीं। जानकार इसे पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत बता रहे हैं।

इससे पता चलता है कि यूपी में गंगा में डॉल्फिन (Dolphin) को अनुकूल वातावरण मिल रहा है और गंगा का पानी भी साफ है। आने वाले समय में डॉल्फिन (Dolphin) की संख्या और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi on Environment and Ganga) द्वारा प्रोजेक्ट डॉल्फिन (Dolphin) की घोषणा किए जाने के बाद आम लोगों में इस अनोखे और दुर्लभ जीव के प्रति उत्सुकता बढ़ी है। दूसरा पहलू यह भी है कि एक बड़ी आबादी अभी इस करिश्माई मेगा-फौना से अपरिचित है। इसलिए गांगेय डॉल्फिन (Dolphin)ों के संरक्षण से न केवल इस प्रजाति के संरक्षण को लेकर जागरूकता आएगी बल्कि गंगा की निर्मलता और अविरलता के प्रयासों को भी बल मिलेगा। नमामि गंगे (Clean Ganga Mission) की योजनाओं में जागरूकता और जनभागीदारी मुख्य बिंदु हैं।
इस आधार पर वर्ष 2030 तक गांगेय डॉल्फिन (Dolphin) (Gangetic Dolphins) की आबादी में स्थिरता लाने और अधिक खतरे वाली प्रजातियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कवायद में स्वच्छ गंगा मिशन ने राज्य सरकारों, विशेषज्ञों, गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय लोगों से बेहतर तालमेल बनाने में सफलता पाई है। नमामि गंगे परियोजना के प्रदूषण कम करने के उपायों, आर्द्र भूमि के बचाव और प्रवाह बेहतर करने की पहलों से गांगेय डॉल्फिन (Dolphin)ों की आबादी को उपयुक्त पर्यावास मिला है। भारत में इसे संरक्षित किया जा रहा है। अपेक्षाकृत गंगा और उसकी रामगंगा, यमुना, गोमती, घाघरा, राप्ती, सोन, गंडक, चंबल और कोसी में इनकी बहुलता है।
- 8 राज्यों की 28 नदियों का किया गया सर्वेक्षण
इस अग्रणी प्रयास में आठ राज्यों की 28 नदियों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 8,500 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को कवर करने के लिए 3150 दिन का समय लगा। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई, उसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और असम का स्थान रहा।
- 'योगी (Yogi) का यूपी' शीर्ष पर
योगी (Yogi) सरकार ने वन, पर्यावरण के साथ-साथ जलीय जंतुओं के संरक्षण पर भी काफी जोर दिया है। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश की नदियों में सर्वाधिक डॉल्फिन (Dolphin) पाई गईं। उत्तर प्रदेश में 2397 डॉल्फिन (Dolphin) पाई गईं। बिहार में 2220, पश्चिम बंगाल में 815 व असम में 635 डॉल्फिन (Dolphin) पाईं गईं।
- उत्तर प्रदेश में भी राज्य जलीय जीव है गांगेय डॉल्फिन (Dolphin)
योगी (Yogi) सरकार ने 17 अक्टूबर 2023 को गंगा डॉल्फिन (Dolphin) को राज्य जलीय जीव घोषित किया है। गांगेय डाल्फिन की उपस्थिति उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, चम्बल, घाघरा, राप्ती, गेरूआ आदि नदियों में पायी गयी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी (Yogi) आदित्यनाथ ने 2023 में गंगा डॉल्फिन (Dolphin) को राज्य जलीय जीव घोषित किया था। प्रदेश की नदियों एवं तालाबों में डॉल्फिन (Dolphin) की संख्या लगभग 2000 आंकी गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों दोनों के लिए प्लास्टिक का प्रयोग करने से बचना जरूरी माना, क्योंकि यह नदियों के लिए घातक है। देश में डॉल्फिन (Dolphin) गंगा, यमुना, चंबल, घाघरा, राप्ती तथा गेरुआ जैसी नदियों में पाई जाती हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वन्यजीवों के साथ बात करने तथा स्थानीय निवासियों को ट्रेनिंग देने के महत्व पर जोर दिया।
सीएम ने रोजगार के अवसर पैदा करने और समुदाय के भीतर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से टाइगर रिजर्व से जुड़े गांवों के व्यक्तियों को गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने का भी प्रस्ताव रखा। इसके अलावा वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) व वन विभाग की टीमें हाल ही में उत्तर प्रदेश के हापुड जिले में गढ़ गंगा में GPS की मदद से डॉल्फ़िन की गिनती की थी। गढ़ गंगा में चल रही डॉल्फिन (Dolphin) गणना के बारे में डीएफओ संजय कुमार मल्ल ने कहा, 'यह मेरी गंगा मेरी डॉल्फिन (Dolphin) 2023 अभियान नाम से एक अभियान है। इसके तहत मुजफ्फरपुर बैराज के पास से लेकर पूरे नरौरा बैराज तक गंगा नदी में डॉल्फिन (Dolphin) की गिनती की जारी है।