Lucknow News : आगरा में 111 करोड़ की लागत से बनेगा अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र, आम महोत्सव-2025 में 600+ प्रजातियों का प्रदर्शन
केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल ने 25 जून 2025 को आगरा के सींगना में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (CSARC) की स्थापना के लिए 111 करोड़ रुपये की मं....
लखनऊ : उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने 19, गौतमपल्ली, मंत्री आवास, लखनऊ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आगरा में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र और उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 की तैयारियों की जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र, सींगना, आगरा
केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल ने 25 जून 2025 को आगरा के सींगना में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (CSARC) की स्थापना के लिए 111 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। यह केंद्र राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र, सींगना में स्थापित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य आलू और शकरकंद की उत्पादकता, कटाई के बाद प्रबंधन और मूल्य संवर्धन में सुधार के माध्यम से खाद्य व पोषण सुरक्षा, किसानों की आय और रोजगार सृजन को बढ़ाना है।
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है, और उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी आलू उत्पादक राज्य है। आलू उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परिवहन, विपणन और मूल्य श्रृंखला में रोजगार सृजन की असीम संभावनाएं हैं। सीएसएआरसी द्वारा विकसित उच्च उपज, पोषक तत्वों से भरपूर और जलवायु अनुकूल आलू व शकरकंद की किस्में विश्व-स्तरीय विज्ञान और नवाचार के जरिए भारत और दक्षिण एशिया में इन फसलों के सतत विकास को गति देंगी।
इस केंद्र की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क प्रदान की है। केंद्र सरकार 111.5 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग देगी। अप्रैल 2025 में भारत सरकार के कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, बी.एल. मीणा ने पेरू के लीमा में CIP का दौरा कर प्रशासनिक व तकनीकी समन्वय स्थापित किया। केंद्र की स्थापना में स्थानीय स्तर की कठिनाइयों का समाधान कर इसका मार्ग प्रशस्त किया गया।
उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025
आम के उत्पादन, निर्यात और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 का आयोजन 4 जुलाई से 6 जुलाई 2025 तक अवध शिल्प ग्राम, अवध विहार योजना, सेक्टर-09, अमर शहीदपथ, लखनऊ में किया जाएगा। यह आयोजन भव्य और आकर्षक होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, 600 से अधिक आम की प्रजातियों की प्रदर्शनी, आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता, और क्रेता-विक्रेता बैठक जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश देश में आम उत्पादन में अग्रणी है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का 13.5% (3.25 लाख हेक्टेयर) और कुल उत्पादन का 27% (61.46 लाख मीट्रिक टन) हिस्सा देता है। प्रदेश में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, आम्रपाली, रामकेला, रटौल, लखनऊ सफेदा, बाम्बे ग्रीन और रंगीन प्रजातियों सहित 600 से अधिक प्रजातियों का उत्पादन होता है। प्रमुख आम उत्पादक जिले सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, अमरोहा, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, अयोध्या, लखनऊ, प्रतापगढ़ और वाराणसी हैं।
वर्ष 2024-25 में प्रदेश से 40.31 मीट्रिक टन आम का निर्यात किया गया, और 2025 में अब तक 13.5 मीट्रिक टन निर्यात हो चुका है। आम महोत्सव-2025 में मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के उद्यान विभाग, प्रगतिशील बागवान और निर्यातक भाग लेंगे।
महोत्सव में बागवानों के लिए उन्नत उत्पादन तकनीक, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन, निर्यात सुविधाएं, कीट-व्याधि प्रबंधन और विपणन पर कार्यशाला का आयोजन होगा। 120 से अधिक आम प्रजातियों की प्रदर्शनी, आम खाने की प्रतियोगिता और प्रशिक्षण सेमिनार विशेष आकर्षण होंगे।
आम और अन्य फलों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास फलों की टेस्टिंग और ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना प्रस्तावित है। यह केंद्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर बनेगा, जिससे परिवहन लागत और फलों की गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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