Delhi News : खोखला साबित हो रहा 2009 का शिक्षा का अधिकार - एडवोकेट रीना एन सिंह
रीना एन सिंह ने कहा कि किताबी ज्ञान से विकास नहीं होता और लगातार महंगी होती चली जा रही शिक्षा से केवल और केवल प्रतिभा का पलायन बड़ा है और अमीरी और गरीबी की खाई ...
By INA News Delhi.
नई दिल्ली : 2009 में भारत सरकार के द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के आधार पर शिक्षा का अधिकार दिया गया जिसके तहत देश में 6 वर्ष से 14 वर्ष के सभी बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया। लेकिन आज 16 वर्ष बाद भी शिक्षा व्यवस्था में कोई सकारात्मक परिवर्तन नहीं दिखाई देता। उक्त बातें सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की ज़रूरत है। आज की शिक्षा ना तो अच्छे इंसान बना रही है ना ही देश के लिए शोध करने वाले बुद्धिमान दिमाग। हम बहुत पीछे हैं, हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो नैतिक मूल्य व चारित्रिक विकास करें और जिसमें रोजगार, उद्योग और अनुसंधान से सीधा जुड़ाव हो।
रीना एन सिंह ने कहा कि किताबी ज्ञान से विकास नहीं होता और लगातार महंगी होती चली जा रही शिक्षा से केवल और केवल प्रतिभा का पलायन बड़ा है और अमीरी और गरीबी की खाई और चौड़ी ही हुई है, उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो हमारे युवाओं को व्यवहारिक बना सके लेकिन आज की शिक्षा केवल नौकरी की फैक्ट्री बनकर रह गई है जहां से गुणवत्ता पूरी तरह से गायब हो चुकी है। नई शिक्षा नीति पर उन्होंने कहा कि सरकार ने सुधार करने का कुछ प्रयास किया है लेकिन आज भी महंगी शिक्षा की वजह से लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य देश के प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता होती है और जब इसका बहुत बड़े पैमाने पर व्यापार होता है तो देश का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के नीति निर्माताओं को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए ताकि गांवों से शहरों की ओर पलायन रुके।इस दिशा में अब गंभीरता से सोचना होगा। जरूरत से ज़्यादा चुनावी खर्च और भ्रष्टाचार इस संकट की जड है।
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के भी ऊपर जिस तरह से आधुनिक शिक्षा में दबाव डाला जा रहा है वह अत्यंत खतरनाक है। रीना एन सिंह ने कहा कि किताबी ज्ञान से सिर्फ नौकरी करने वाले युवाओं की फैक्ट्री तैयार हो रही है ना की बौद्धिक और गुणवत्ता परक शैक्षिक समाज।ज्ञात हो कि रीना एन सिंह सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट के साथ-साथ चर्चित सोशल वर्कर है उनकी कई संस्थाएं देश भर में गौशाला, अनाथ बच्चों और शराब बंदी पर काम कर रही है।
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