Lucknow : उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और एमएसएमई सशक्तिकरण पर उच्च स्तरीय बैठक हुई

बैठक में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को तेज करने, मौजूदा एमएसएमई इकाइयों को मजबूत बनाने और भूखंड आवंटन तथा संचालन की प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और निवेश

Feb 4, 2026 - 23:30
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Lucknow : उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और एमएसएमई सशक्तिकरण पर उच्च स्तरीय बैठक हुई

लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने लघु उद्योग भारती के साथ उच्च स्तरीय संवाद किया। इस मौके पर एमएसएमई मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे। बैठक में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास आलोक कुमार और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन्वेस्ट यूपी प्रेरणा शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को तेज करने, मौजूदा एमएसएमई इकाइयों को मजबूत बनाने और भूखंड आवंटन तथा संचालन की प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। औद्योगिक भूखंड आवंटन में सुधार, रद्द भूखंडों का दोबारा आवंटन, औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास, लीज रेंट और रखरखाव शुल्क की उचित व्यवस्था, स्टार्टअप्स और पुरानी इकाइयों को प्राथमिकता, प्रदूषण नियंत्रण और लाइसेंसिंग प्रक्रिया के सरलीकरण जैसे मुद्दे शामिल रहे।यह भी बताया गया कि भूखंड आवंटन से जुड़ी अनावश्यक मुकदमेबाजी कम करने और आवंटित भूमि का समय पर औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल योजना के तहत हर जनपद में 100 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है जहां प्लग एंड प्ले मॉडल पर क्लस्टर आधारित विकास होगा ताकि सूक्ष्म और लघु उद्योग जल्दी स्थापित हो सकें।

लघु उद्योग भारती ने सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए कई सुझाव दिए जैसे भूखंड आवंटन व्यवस्था में सुधार, क्लस्टर आधारित विकास, प्लग एंड प्ले शेड और फ्लैटेड फैक्ट्री, लीज शर्तों का सरलीकरण, ऋण सुविधा, बुनियादी ढांचा, भवन मानचित्र स्वीकृति, उत्पादन शुरू करने की समय सीमा, कर और रखरखाव शुल्क में एकरूपता, एक्जिट नीति और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली। उन्होंने पुरानी एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन देने, उन्हें मजबूत बनाने और तकनीकी रूप से उन्नत करने की जरूरत पर बल दिया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि सरकार इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है। निवेश मित्र 3.0 के जरिए कई सुझाव पहले ही लागू हो चुके हैं और बाकी को आने वाले चरणों में शामिल किया जा रहा है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, हथकरघा और वस्त्र क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की प्रतिबद्धता दोहराई। अंत में कहा गया कि उद्योग संगठनों और सभी हितधारकों के सहयोग से उत्तर प्रदेश को निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।

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