Lucknow : श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु श्रमिकों एवं प्रतिनिधियों के साथ संगोष्ठी आयोजित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एम. के. शन्मुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन), उत्तर प्रदेश शासन उपस्थित रहे। संगोष्ठी के दौरान प्रमुख सचिव द्वारा देश में लागू की
- प्रमुख सचिव श्रम ने श्रम संहिताओं के प्रावधानों पर की विस्तृत चर्चा, सुझाव–आपत्तियाँ आमंत्रित
- सामाजिक सुरक्षा, श्रम कल्याण और अधिकारों पर संवाद से सुदृढ़ होंगे श्रमिक हित
लखनऊ : श्रम संहिताओं के प्रावधानों से श्रमिकों एवं उनके प्रतिनिधियों को अवगत कराने तथा सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण से जुड़े विषयों पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कार्यालय अपर श्रम आयुक्त, लखनऊ क्षेत्र, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ में बुधवार को एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एम. के. शन्मुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन), उत्तर प्रदेश शासन उपस्थित रहे। संगोष्ठी के दौरान प्रमुख सचिव द्वारा देश में लागू की गई चार प्रमुख श्रम संहिताओं— मजदूरी संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता, 2020 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमुख सचिव ने श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का समाधान करते हुए कहा कि श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा प्रदान करना है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रम संहिताओं के संबंध में प्रकाशित नियमावलियों पर प्रकाशन के 45 दिवस के भीतर सुझाव एवं आपत्तियाँ प्रस्तुत किए जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि सभी हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
संगोष्ठी में इंटक से महामंत्री एच.एन. तिवारी, बीएमएस से जिलाध्यक्ष मिथलेश शुक्ला, एचएमएस से उमाशंकर मिश्र, उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ से अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल, एवरेडी फ्लैशलाइट कंपनी मजदूर यूनियन से अध्यक्ष चारू मिश्रा सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके अतिरिक्त श्रम सलाहकार एसोसिएशन, औद्योगिक न्यायाधिकरण एवं श्रम विभाग के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम में विशेष सचिव नीलेश कुमार सिंह, पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक न्यायाधिकरण प्रेम प्रकाश पाल, उप निदेशक कारखाना अभिषेक सूर्यवंशी, सहायक निदेशक कारखाना आकाश सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारियों सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
श्रम संहिताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत अपर श्रम आयुक्त, लखनऊ क्षेत्र कल्पना श्रीवास्तव द्वारा सभी श्रमिकों, श्रमिक प्रतिनिधियों एवं उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। संगोष्ठी का संचालन शक्ति राय एवं शरद, श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा किया गया।
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