Lucknow News: सपा की आपत्तिजनक टिप्पणी पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) के समर्थकों में आक्रोश, भाजपा नेता चारु मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराया
इस घटना ने भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष पैदा किया है। लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें उनका पुतला फूं...
By INA News Lucknow.
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के सोशल मीडिया हैंडल से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) के दिवंगत माता-पिता के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। लखनऊ के वजीरगंज थाने में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी की मीडिया सेल के खिलाफ भाजपा नेता चारु मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराया है। मिश्रा ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जेल भेजने की मांग की है, चेतावनी दी कि लापरवाही पर भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन कर जेल भर देंगे। भाजपा नेता बजरंगी सिंह ने भी सपा की टिप्पणी को निंदनीय बताया और अखिलेश से तत्काल माफी मांगने की मांग की, अन्यथा पूरे प्रदेश में जन आंदोलन की चेतावनी दी।
पाठक के समर्थकों में भारी आक्रोश है, और सपा से माफी की मांग की जा रही है। सपा ने सफाई देने की कोशिश की, लेकिन भाजपा ने इसे नाकाफी बताया। इस मामले में कानूनी कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) के दिवंगत माता-पिता के खिलाफ की गई अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सपा के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इस मामले में लखनऊ के वजीरगंज थाने में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सपा प्रदेश अध्यक्ष, और पार्टी की मीडिया सेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस टिप्पणी को लेकर तीखा विरोध जताया है और सपा प्रमुख से तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब सपा के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) के डीएनए को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में न केवल पाठक, बल्कि उनके दिवंगत माता-पिता के खिलाफ भी अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया, जिसे भाजपा ने संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन और समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने वाला करार दिया। लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी अधिवक्ता चारु मिश्रा ने इस पोस्ट को उपमुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास बताते हुए वजीरगंज थाने में तहरीर दी। उनके मुताबिक, यह पोस्ट जानबूझकर अपमानजनक और मर्यादाहीन थी। वजीरगंज थाने के इंस्पेक्टर राजेश मणि त्रिपाठी ने पुष्टि की कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है।
इस घटना ने भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष पैदा किया है। लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें उनका पुतला फूंका गया और नारेबाजी की गई। लखनऊ के 1090 चौराहे और चारबाग में “अखिलेश यादव माफी मांगो” के पोस्टर लगाए गए, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया।
भाजपा नेता और पूर्व लखनऊ विश्वविद्यालय अध्यक्ष बजरंगी सिंह ने सपा की इस टिप्पणी को “निंदनीय और अस्वीकार्य” करार देते हुए कहा, “सपा मुखिया को तत्काल उपमुख्यमंत्री से माफी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो पूरे उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरती, तो भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन के माध्यम से लखनऊ की जेलों को भर देंगे।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने स्वयं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा की भाषा पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “अखिलेश जी, क्या यह आपकी पार्टी की भाषा है? क्या आपके आधिकारिक हैंडल से किसी के दिवंगत माता-पिता के लिए ऐसी भाषा का चयन किया जाता है? लोकतंत्र में आरोप-प्रत्यारोप चलते हैं, लेकिन आप अपनी पार्टी को इस स्तर तक ले जाएंगे? क्या आदरणीय डिंपल जी इस महिला विरोधी मानसिकता को स्वीकार करेंगी?”
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