Lucknow News : यूपी एक्सीलरेटर प्रगति कार्यक्रम, समृद्ध धान नेटवर्क (SDN) की पहली बैठक, उत्तर प्रदेश सरकार ने किया ‘समृद्ध धान नेटवर्क (SDN)’ का शुभारंभ

SDN लॉन्च से पहले अप्रैल से मई 2025 के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिसमें सैकड़ों किसान, FPOs, KVKs और जिला..

Jun 6, 2025 - 23:38
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Lucknow News : यूपी एक्सीलरेटर प्रगति कार्यक्रम, समृद्ध धान नेटवर्क (SDN) की पहली बैठक, उत्तर प्रदेश सरकार ने किया ‘समृद्ध धान नेटवर्क (SDN)’ का शुभारंभ

By INA News Lucknow.

जलवायु अनुकूल धान खेती को बढ़ावा देने के लिए पहला बहु-हितधारक मंच उत्तर प्रदेश सरकार ने औपचारिक रूप से ‘समृद्ध धान नेटवर्क (SDN)’ का शुभारंभ किया। यह मंच राज्य में डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने और टिकाऊ, जलवायु-स्मार्ट धान उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए गठित किया गया है।

DSR एक ऐसी आधुनिक कृषि तकनीक है जो पारंपरिक तरीके से रोपाई की जगह सीधे बीज बोने पर आधारित है। इससे 30% तक पानी की बचत, 30% तक मीथेन गैस उत्सर्जन में कमी, और श्रम लागत में भारी कटौती संभव होती है। बदलते मौसम, घटते भूजल स्तर और बढ़ती लागत के बीच, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े धान उत्पादक राज्य के लिए यह तकनीक एक व्यवहारिक और लाभकारी विकल्प बन सकती है।

  • बैठक का शुभारंभ और मुख्य अतिथियों की उपस्थिति

6 जून 2025 को लखनऊ में आयोजित इस पहले SDN सम्मेलन की अध्यक्षता प्रमुख सचिव (कृषि), रविंद्र कुमार ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे राज्य कृषि मंत्री बलदेव सिंह औलख।

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इस बैठक में सरकारी विभागों, शोध संस्थानों, निजी कंपनियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों सहित 110 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

  • कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का संबोधन

“हम किसानों को ऐसी टिकाऊ तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो पानी की बचत करें, लागत घटाएं और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार हों। DSR ऐसी ही एक तकनीक है। यदि यह बिना पैदावार घटाए लाभ पहुंचा सकती है, तो इसे व्यापक स्तर पर अपनाना चाहिए। इससे फसल चक्र भी सुधरेगा और किसान पहले कटाई कर सकेंगे। मैं SDN के सभी साझेदारों को बधाई देता हूं।”

  • राज्य कृषि मंत्री बलदेव सिंह औलख का वक्तव्य

“मैंने कई वर्षों पहले ही DSR तकनीक में संभावनाएं देखी थीं। यह जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और श्रमिकों की कमी जैसी समस्याओं का समाधान है। कृषि विभाग को चाहिए कि जरूरी मशीनों पर सब्सिडी की प्राथमिकता तय करे, ताकि DSR को हर किसान तक पहुंचाया जा सके। इससे पैदावार में भी सुधार संभव है।”

  • SDN बैठक के प्रमुख उद्देश्य

कृषि विभाग के अंतर्गत SDN सचिवालय की स्थापना

SDN कोर समूह की घोषणा और जिम्मेदारियों का निर्धारण

2025 खरीफ सीजन के लिए DSR को बढ़ाने की रणनीति तैयार करना

राज्य की प्राथमिकताओं के साथ SDN के उद्देश्यों का समन्वय

  • प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र कुमार का वक्तव्य

“SDN एक ऐसा मंच बनेगा जो आंकड़ों की निगरानी, सहयोग और तालमेल को बढ़ावा देगा। मैंने टीम को निर्देश दिए हैं कि पूरे राज्य में DSR की उपयुक्तता का नक्शा तैयार करें, KVKs के सहयोग से पारंपरिक किस्मों का परीक्षण करें, और पूर्वी यूपी के 75 DSR क्लस्टर्स की मान्यता करें। सभी सदस्य अपने अनुभव और सुझाव सक्रिय रूप से सचिवालय के साथ साझा करें।”

  • SDN के सदस्य सचिव और कृषि निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार तोमर का वक्तव्य

“यह मंच किसानों, शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाता है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में DSR तकनीक को अपनाया जाए और संभावनाओं का पूरा लाभ लिया जा सके।”

  • रणनीतिक भागीदारी और ज्ञान सहयोग

बैठक में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और कोका-कोला फाउंडेशन जैसे विकास भागीदारों की विशेष उपस्थिति रही। इन संस्थाओं ने UP एक्सीलरेटर कार्यक्रम के DSR प्रयासों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

ISARC (IRRI - South Asia Regional Centre) के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने कहा: “हम SDN और UP एक्सीलरेटर कार्यक्रम के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। ISARC वैज्ञानिक शोध और प्रशिक्षण के माध्यम से टिकाऊ धान प्रणाली को मजबूत करेगा। अब ज़रूरत है ट्रेनर को ट्रेन करने और किसानों के लिए फील्ड विज़िट आयोजित करने की।”

  • SDN की पृष्ठभूमि और अब तक की प्रगति

SDN लॉन्च से पहले अप्रैल से मई 2025 के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिसमें सैकड़ों किसान, FPOs, KVKs और जिला कृषि अधिकारी शामिल हुए।30 से अधिक चैंपियन किसानों को ISARC परिसर में दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर DSR तकनीक सिखाई गई। अब SDN इन प्रयासों को क्लस्टर विकास, तकनीकी पहुंच और फील्ड वैलिडेशन के साथ आगे बढ़ाएगा। प्रगतिशील किसानों और KVK प्रमुखों ने बैठक में अपने अनुभव और विस्तार योजनाएं साझा कीं।

  • आगे की दिशा

SDN ने यह तय किया है कि आने वाले महीनों में साक्ष्य-आधारित और परिणाम केंद्रित एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। अगली बैठक नवंबर 2025 में खरीफ सीजन के बाद आयोजित होगी, जिसमें DSR के फील्ड नतीजों की समीक्षा और 2026 की रणनीति पर चर्चा होगी।

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