Lucknow : उत्तर प्रदेश में 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का सफल समापन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजेताओं को किया सम्मानित
उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी में फल, सब्जी और फूलों के साथ कलात्मक आकृतियां और भारतीय सेना का शौर्य दिखाया गया, जो गर्व की बात है। जीवन में इन
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन प्रांगण, लखनऊ में आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 के समापन अवसर पर विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में कुल 1690 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए 7771 प्रविष्टियां दर्ज की गईं और 1719 विजेताओं का चयन किया गया। चार दिनों में 3.5 लाख से अधिक लोगों ने प्रदर्शनी देखी। चिकित्सा शिविर में लगभग 1400 लोगों का पंजीकरण हुआ, जहां कैंसर, दांत और टीबी जैसी जांचें की गईं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदर्शनी हर साल बेहतर होती जा रही है। पहले यह सिर्फ फल, फूल और गमलों तक सीमित थी, लेकिन अब बच्चे, युवा और परिवार सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। भारतीय सेना की प्रदर्शनी को खास सराहना मिली, जिसमें कर्नल दीपक कुमार और उनकी टीम की प्रशंसा की गई।
उन्होंने कलात्मक वस्तुओं की तारीफ करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के अंदर कला छिपी होती है। सिर्फ मौका देने की जरूरत है। रचनात्मकता बढ़ाने के लिए कलात्मक चीजें बनानी चाहिए और भीतर की कला को बाहर लाने के लिए लगातार कोशिश करनी चाहिए।
बच्चों के पोषण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि घर में सब्जियां खाने की आदत डालनी चाहिए ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास अच्छा हो। प्रदर्शित मॉडलों में रामायण, श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाना, तिरंगे का इतिहास जैसे विषयों की सराहना की और कारागार विभाग सहित सभी से भविष्य में नए-नए मॉडल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि इस बार 3.5 लाख से ज्यादा लोग आए और सोशल मीडिया पर लाखों तक पहुंचा। लगभग 40 लाख रुपये की बिक्री हुई, जो किसानों के लिए अच्छी बात है। रूफटॉप सब्जी और बागवानी को पर्यावरण बचाने और स्वास्थ्य के लिए अच्छा तरीका बताया तथा महिलाओं से इसमें जुड़ने की अपील की। घर की छत पर भी फल, फूल और सब्जियां उगाने की सलाह दी।
जन भवन की गौशाला का जिक्र करते हुए कहा कि यहां करीब 40 गायें हैं। पशुपालन पखवाड़े में अधिकारियों ने गायों को रोटी-गुड़ खिलाया, जिससे दूध बढ़ा और इसे 15 दिन और बढ़ाया गया। लोगों से गुड़-आटा लाकर गायों को खिलाने की अपील की, क्योंकि पुरानी परंपरा में गाय को रोटी खिलाए बिना भोजन नहीं किया जाता।
किसानों की मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि उनके बिना भोजन नहीं मिल सकता। स्वास्थ्य जांच शिविर को जनकल्याण का अच्छा कदम बताया। जन भवन का आकर्षण बढ़ रहा है और आम के मौसम में यहां स्टॉल लगाकर बिक्री की जा सकती है। गुजरात के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सुविधाओं का जनता के हित में उपयोग होना चाहिए।
उन्होंने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रतिभागियों, किसानों और दर्शकों को बधाई दी तथा भविष्य में जन भवन का उपयोग स्वयं सहायता समूहों, किसानों और महिलाओं के उत्पाद बेचने के लिए करने की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मिलेट्स को बढ़ावा मिला है और यहां महिलाओं की मिलेट्स प्रतियोगिता होती है।
उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी में फल, सब्जी और फूलों के साथ कलात्मक आकृतियां और भारतीय सेना का शौर्य दिखाया गया, जो गर्व की बात है। जीवन में इनके महत्व को अच्छे तरीके से दर्शाया गया। बच्चों की फूलों से सजी कृतियां खास आकर्षण रहीं। यह प्रदर्शनी उद्यान विभाग के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी और कृषकों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करेगी।
प्रदर्शनी में 155 स्टॉल लगे। चार दिनों में 46 हजार से ज्यादा टिकट बिके, जिससे करीब 9 लाख रुपये की आय हुई। विभिन्न संस्थानों जैसे जन भवन, उच्च न्यायालय, कारागार, सेना, रेलवे, मेट्रो आदि ने भाग लिया। महिलाओं, बच्चों और मालियों के अलग वर्ग थे।
कई वर्गों में सर्वश्रेष्ठ विजेताओं को चल वैजयंती और 5100 रुपये का पुरस्कार दिया गया। प्राकृतिक फूलों की आकृतियों में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों को पुरस्कार मिले, जैसे छत्रपति शाहू जी महराज विश्वविद्यालय को श्रीकृष्ण की बांसुरी, एरा विश्वविद्यालय को सारस पक्षी जोड़ा, दुवासू मथुरा को गोवर्धन पर्वत, लखनऊ विकास प्राधिकरण को वंदे मातरम आदि। सेना को विशिष्ट पुरस्कार मिला। स्कूली बच्चों की क्विज, पत्र लेखन और स्टांप डिजाइन प्रतियोगिताओं में लोरेटो कान्वेंट, बाल विद्या मंदिर जैसे स्कूलों के बच्चे विजेता रहे। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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