मैथिली ठाकुर: सुरों की दुनिया से राजनीति के मैदान में बीजेपी प्रत्याशी, अलीनगर से मिला टिकट।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 12 नाम शामिल हैं, जिनमें

Oct 16, 2025 - 13:40
 0  72
मैथिली ठाकुर: सुरों की दुनिया से राजनीति के मैदान में बीजेपी प्रत्याशी, अलीनगर से मिला टिकट।
मैथिली ठाकुर: सुरों की दुनिया से राजनीति के मैदान में बीजेपी प्रत्याशी, अलीनगर से मिला टिकट।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 12 नाम शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा लोकप्रिय लोकगायिका मैथिली ठाकुर का नाम है। पार्टी ने उन्हें दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। मैथिली ठाकुर ने मंगलवार को ही पटना में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली थी। मात्र एक दिन बाद ही उन्हें टिकट मिलना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

मैथिली ठाकुर ने टिकट मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "बीजेपी से सीट मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आशीर्वाद से देश सेवा का अवसर मिला है।" उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी खुशी जाहिर की। मैथिली ने लिखा कि वह अलीनगर की जनता की सेवा के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करेंगी। भाजपा और एनडीए के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की लोकहितकारी नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी।

मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को मधुबनी जिले के एक छोटे से परिवार में हुआ था। उनके पिता रमेश ठाकुर एक संगीत शिक्षक हैं, जो उनके पहले गुरु भी हैं। दादा से लेकर पिता तक की परंपरा में मैथिली ने मैथिली लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत की बारीकियां सीखीं। बचपन से ही संगीत के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि स्कूल के दिनों में ही वे लोकल कार्यक्रमों में हिस्सा लेने लगीं। 2017 में सुपर सिंगर 14 रियलिटी शो में भाग लेने के बाद उनकी पहचान पूरे देश में फैल गई। उसके बाद 'द वॉयस इंडिया' और 'इंडियन आइडल' जैसे बड़े मंचों पर उनकी प्रस्तुतियां लोगों के दिलों को छू गईं।

मैथिली की गायकी मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करती है। उनके गीतों में मैथिली लोकगीतों के साथ भक्ति रस की झलक मिलती है। यूट्यूब पर उनके चैनल के लाखों फॉलोअर्स हैं, जहां वे पारंपरिक गीतों को आधुनिक अंदाज में पेश करती हैं। 2020 में उनका गाया हुआ 'राम भजन' वायरल हो गया था, जिसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। संगीत के अलावा मैथिली ने कई सामाजिक कार्यों में भी हिस्सा लिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में उनकी सक्रियता ने लोगों को प्रभावित किया। हालांकि, राजनीति में प्रवेश उनके लिए एक नया अध्याय है। कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने कहा था कि अगर मौका मिला तो दरभंगा या मधुबनी की किसी सीट से चुनाव लड़ेंगी। अलीनगर का चयन उनके लिए अप्रत्याशित नहीं था, क्योंकि यह सीट उनके नानीहाल से जुड़ी हुई है।

बीजेपी का यह फैसला रणनीतिक माना जा रहा है। अलीनगर विधानसभा क्षेत्र मिथिला क्षेत्र का हिस्सा है, जहां लोक संगीत और सांस्कृतिक विरासत की गहरी जड़ें हैं। मैथिली की युवा अपील और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ पार्टी को फायदा पहुंचा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें प्रचार अभियान का चेहरा भी बनाया जा सकता है। बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े से उनकी हालिया मुलाकात ने इसकी नींव रखी थी। हालांकि, यह सीट एनडीए के लिए चुनौतीपूर्ण रही है। 2020 के चुनाव में यहां से विजयी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मिश्रीलाल यादव थे, जो अब एनडीए से बाहर हैं। पहले के चुनावों में यहां मुस्लिम और यादव वोटरों का प्रभाव रहा है। कुल मिलाकर, ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम मतदाताओं का संतुलन जीत की कुंजी है। मैथिली की जाति को लेकर भी चर्चाएं हैं। वे ब्राह्मण समुदाय से हैं, जो इस क्षेत्र में प्रभावशाली है।

बीजेपी की इस दूसरी सूची में अन्य प्रमुख नामों में बक्सर से पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा का नाम शामिल है। वे हाल ही में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से बीजेपी में आए थे। हायाघाट से राम चंद्र प्रसाद, मुजफ्फरपुर से रंजन कुमार, गोपालगंज से सुभाष सिंह, बनियापुर से केदार नाथ सिंह, छपरा से छोटी कुमारी, सोनपुर से विनय कुमार सिंह जैसे उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। इस सूची में कुछ पुराने चेहरों के टिकट कटने की भी खबरें हैं। उदाहरण के लिए, बाढ़ से ज्ञानेंद्र ज्ञानू का नाम हटाया गया है। कुल 243 सीटों में एनडीए ने सीटों का बंटवारा कर लिया है। बीजेपी को 101 सीटें मिली हैं, जबकि जेडीयू को भी इतनी ही। चिराग पासवान की एलजेपी को 29 सीटें दी गई हैं।

मैथिली के टिकट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी की युवा ऊर्जा से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ कार्यकर्ताओं को लग रहा है कि जमीनी स्तर पर मेहनत करने वालों का हक छीना जा रहा है। एक तरफ जहां युवा मतदाता उनकी लोकप्रियता से उत्साहित हैं, वहीं कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सेलिब्रिटी उम्मीदवार बिहार की जटिल राजनीति को समझ पाएंगे। मैथिली ने इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम है। उन्होंने अपने संगीत सफर को याद करते हुए बताया कि संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया है। "मैंने कभी आसान रास्ता नहीं चुना। अब जनसेवा के लिए तैयार हूं," उन्होंने कहा।

अलीनगर क्षेत्र की बात करें तो यह दरभंगा जिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। चावल, गेहूं और सब्जियों की खेती यहां के किसानों का आधार है। बाढ़ की समस्या भी इस क्षेत्र को सालाना परेशान करती है। कोसी नदी का प्रभाव यहां पड़ता है, जिससे हर मानसून में सैकड़ों गांव प्रभावित होते हैं। विकास के मोर्चे पर सड़कें, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनी हुई है। मैथिली ने अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया में इन मुद्दों पर फोकस करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विकास मॉडल को यहां लागू करने से बदलाव आएगा।

बिहार की राजनीति में कलाकारों का प्रवेश नया नहीं है। शत्रुघ्न सिन्हा से लेकर किरण खेर तक कई नामों ने सफलता पाई है। लेकिन बिहार जैसी जटिल सामाजिक संरचना वाले राज्य में मैथिली का सफर आसान नहीं होगा। विपक्षी दलों ने भी इस पर तंज कसे हैं। आरजेडी ने कहा कि बीजेपी सोशल मीडिया स्टार्स पर दांव खेल रही है, जबकि जमीनी मुद्दे भूले जा रहे हैं। मैथिली ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वे जनता के बीच जाकर ही अपनी विश्वसनीयता साबित करेंगी।

Also Read- बिहार चुनाव 2025: चुनाव नहीं लड़ेंगे प्रशांत किशोर, जन सुराज को मजबूत करने पर जोर।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।