'आई लव मोहम्मद' कार्यक्रम में मौलाना अशफाक निसार शेख ने सीएम योगी को दफनाने की दी धमकी, वीडियो वायरल लेकिन पुलिस मौन

यह विवादास्पद कार्यक्रम 'आई लव मोहम्मद' अभियान का हिस्सा था, जो पाकिस्तान में एक ईसाई व्यक्ति द्वारा पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्प

Sep 27, 2025 - 18:17
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'आई लव मोहम्मद' कार्यक्रम में मौलाना अशफाक निसार शेख ने सीएम योगी को दफनाने की दी धमकी, वीडियो वायरल लेकिन पुलिस मौन
'आई लव मोहम्मद' कार्यक्रम में मौलाना अशफाक निसार शेख ने सीएम योगी को दफनाने की दी धमकी, वीडियो वायरल लेकिन पुलिस मौन

महाराष्ट्र के बीड जिले के मजलगांव में 'आई लव मोहम्मद' अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार को हुए इस आयोजन के दौरान एक स्थानीय मौलाना ने मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुलेआम धमकी दी। मौलाना अशफाक निसार शेख ने कहा, 'मुस्तफा मस्जिद के सामने उस टकले को चैलेंज करता हूं। अगर उसमें जरा सी भी हिम्मत है, तो माजलगांव में आकर आई लव मोहम्मद के पोस्टर को हटा कर देखे। अगर मैंने उसको यहीं ना दफना दिया तो कहना।' यह बयान एक वीडियो में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लाखों लोग इसे देख चुके हैं, लेकिन बीड पुलिस ने अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि धार्मिक संवेदनशीलता और राजनीतिक तनाव को भी बढ़ा दिया है। विपक्षी नेता और सामाजिक संगठन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र सरकार की चुप्पी ने विवाद को और हवा दे दी है।

यह विवादास्पद कार्यक्रम 'आई लव मोहम्मद' अभियान का हिस्सा था, जो पाकिस्तान में एक ईसाई व्यक्ति द्वारा पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ। भारत में यह अभियान कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें पोस्टर, रैलियां और सार्वजनिक आयोजन शामिल हैं। बीड जिले का मजलगांव एक छोटा सा कस्बा है, जहां मुस्लिम आबादी अच्छी खासी है। यहां मुस्तफा मस्जिद के पास आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे। मंच पर मौलाना अशफाक निसार शेख मुख्य वक्ता थे। वे स्थानीय स्तर पर सक्रिय धार्मिक नेता हैं, जो अक्सर सामुदायिक मुद्दों पर बोलते हैं। लेकिन इस बार उनका भाषण आक्रामक हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि मौलाना ने योगी आदित्यनाथ को 'टकला' जैसे अपशब्दों से संबोधित किया और उन्हें मस्जिद के पास आने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर योगी पोस्टर हटाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें 'सीधा उठाकर दफना दिया जाएगा'। भीड़ ने इन बयानों पर तालियां बजाईं और नारे लगाए। पूरा वीडियो करीब एक मिनट का है, लेकिन इसमें मौलाना की धमकी साफ सुनाई दे रही है।

वीडियो पहली बार शुक्रवार शाम को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपलोड हुआ। न्यूज चैनल न्यूज24 ने इसे सबसे पहले शेयर किया, जिसके बाद यह वायरल हो गया। रात तक लाखों व्यूज हो चुके थे। लोगों ने इसे रीपोस्ट करते हुए दिल्ली पुलिस, महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस और योगी आदित्यनाथ को टैग किया। एक यूजर ने लिखा, 'यह खुली धमकी है। क्या पुलिस सो रही है?' दूसरे ने कहा, 'योगी जी जैसा मजबूत नेता को धमकी? महाराष्ट्र में कानून का राज किसने किया?' वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। शिवसेना (युवा सेना) की नेता शाइना एनसी ने बयान जारी कर कहा, 'जो कोई भी मौलाना हो या समाज के ठेकेदार, उन्हें अच्छी सोच फैलानी चाहिए। आई लव मोहम्मद कहना ठीक है, लेकिन योगी आदित्यनाथ को खत्म करने की बात करना विष फैलाना है। यह विभाजनकारी राजनीति है। बीड के मौलाना ने किस हिम्मत से एंटी-नेशनल सेंटिमेंट फैलाया? इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।' शाइना ने फडणवीस से सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र पुलिस निष्क्रिय है?

मौलाना अशफाक निसार शेख के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार वे मजलगांव में एक मदरसे से जुड़े हैं। वे अतीत में भी कुछ विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। इस घटना के बाद उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर बचाव किया। कुछ ने कहा कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, जबकि अन्य ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया। लेकिन ज्यादातर लोग इसे धमकी मान रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए (धार्मिक वैमनस्य फैलाना), 505 (सार्वजनिक शांति भंग करने वाली अफवाहें) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध है। सजा पांच साल तक की हो सकती है। लेकिन बीड पुलिस ने कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है। एसपी ने बताया, 'हमने वीडियो प्राप्त किया है। सत्यापन के बाद कार्रवाई होगी।' शनिवार सुबह तक कोई एफआईआर नहीं दर्ज हुई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

यह घटना 'आई लव मोहम्मद' अभियान के व्यापक संदर्भ में देखी जा रही है। यह अभियान अगस्त के अंत में पाकिस्तान के एक ईशनिंदा मामले से प्रेरित होकर भारत में फैला। कई शहरों में पोस्टर लगे, लेकिन कुछ जगहों पर विरोध भी हुआ। उत्तर प्रदेश में बरेली जैसे इलाकों में इससे जुड़ी हिंसा भड़की, जहां पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार किया। महाराष्ट्र में भी अब यह तनाव बढ़ा रहा है। बीजेपी नेता ने कहा कि यह अभियान शांति का नहीं, बल्कि नफरत फैलाने का माध्यम बन गया है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस पर रोक लगाए। विपक्ष ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग हो रहा है। एक एनजीओ ने अपील की कि सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलें।

राजनीतिक रूप से यह महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले आया है। फडणवीस सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से दबाव है। शिवसेना (शिंदे गुट) ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस होगा। लेकिन देरी से कार्रवाई न होने पर आलोचना हो रही है। योगी आदित्यनाथ ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उनके समर्थक सोशल मीडिया पर एकजुट हो गए हैं। एक कैंपेन चल रहा है #ArrestMaulanaBeed। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा सकती है। एक समाजशास्त्री ने कहा, 'धार्मिक आयोजनों में राजनीतिक बयानबाजी से समाज बंटता है। सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।' पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है, लेकिन तनाव बरकरार है।

मजलगांव के स्थानीय निवासियों का कहना है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण था, लेकिन मौलाना का बयान अप्रत्याशित था। एक दुकानदार ने बताया, 'हम शांति चाहते हैं। ऐसी बातें समाज को बांटती हैं।' मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने मौलाना की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत बयान था, समुदाय का नहीं। लेकिन हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि अगर कार्रवाई न हुई, तो सड़क पर उतरेंगे। यह मामला अब अदालत तक पहुंच सकता है। वीडियो सबूत के रूप में इस्तेमाल होगा। फिलहाल, सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक तरफ धमकी की निंदा, दूसरी तरफ सांप्रदायिक सौहार्द की अपील।

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