दिल्ली एयरपोर्ट पर स्मगलिंग का नया तरीका: प्लास्टिक बोतल के ढक्कन में छिपाकर लाए 170 ग्राम सोना जब्त।
दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जहां रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं। लेकिन यह जगह न सिर्फ यात्रियों का केंद्र है, बल्कि सोने की स्मगलिंग
दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जहां रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं। लेकिन यह जगह न सिर्फ यात्रियों का केंद्र है, बल्कि सोने की स्मगलिंग का भी हॉटस्पॉट बनी हुई है। रविवार को दिल्ली कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। दुबई से एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI-996 से आए एक भारतीय यात्री को हिरासत में ले लिया गया। यात्री के सामान से 170 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है। यह सोना एक प्लास्टिक की पेय पदार्थ की बोतल के ढक्कन के नीचे चालाकी से छिपाया गया था। कस्टम अधिकारियों ने यात्री का फ्लाइट गेट से ही पीछा किया और जब वह ग्रीन चैनल से निकलने की कोशिश कर रहा था, तो उसे रोक लिया। एक्स-रे जांच में संदिग्ध छवियां दिखीं, जिसके बाद गहन तलाशी ली गई। यह घटना कस्टम विभाग के सतर्क रहने का एक उदाहरण है, लेकिन साथ ही स्मगलरों की नई चालाकियों को भी उजागर करती है।
घटना शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 की शाम की है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-996 दुबई से दिल्ली पहुंची। फ्लाइट में सवार यात्रियों में एक भारतीय पुरुष यात्री संदिग्ध व्यवहार कर रहा था। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारियों ने उसे गेट से ही नजर में रखा। यात्री सामान्य लग रहा था, लेकिन उसके चलने का तरीका और बैग को पकड़ने की शैली से अधिकारियों को शक हुआ। जैसे ही वह ग्रीन चैनल की ओर बढ़ा, जहां कोई चेकिंग नहीं होती, वहां उसे रोका गया। ग्रीन चैनल उन यात्रियों के लिए है, जिनके पास कोई देय वस्तु नहीं होती। लेकिन अधिकारियों को लगा कि यह यात्री कुछ छिपा रहा है। उन्होंने तुरंत उसके सामान की एक्स-रे जांच शुरू कर दी। एक्स-रे मशीन की स्क्रीन पर एक असामान्य छाया दिखी, जो सामान्य बोतल जैसी नहीं लग रही थी। अधिकारियों ने सोचा कि यह कोई नई स्मगलिंग तकनीक हो सकती है।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने यात्री के बैग से एक प्लास्टिक की बोतल निकाली। बोतल में पानी या कोई पेय था, लेकिन ढक्कन हटाने पर नीचे एक गोलाकार सोने का टुकड़ा मिला। ढक्कन को खोखला करके सोने को अंदर फिट किया गया था। यह तरीका इतना चालाक था कि सामान्य नजर में आना मुश्किल था। सोने का वजन 170 ग्राम था, जो शुद्ध सोने का बना था। कस्टम अधिकारियों ने इसे कस्टम्स एक्ट 1962 की धाराओं के तहत जब्त कर लिया। यात्री को हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, यात्री ने अभी तक यह नहीं बताया कि सोना कहां से आया और किसके लिए था। लेकिन प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह दुबई से स्मगल किया गया था। दिल्ली कस्टम ने सोमवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें घटना का विवरण और जब्त सोने की तस्वीरें दिखाई गईं। वीडियो में एक्स-रे इमेज और बोतल का क्लोजअप भी था।
दिल्ली कस्टम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हालांकि मात्रा कम है, लेकिन यह तरीका नया है। स्मगलर अब छोटे-छोटे टुकड़ों में सोना ला रहे हैं, ताकि पकड़े न जाएं। बोतल के ढक्कन में छिपाना एक स्मार्ट तरीका था, क्योंकि एक्स-रे में यह सामान्य लग सकता था। लेकिन अधिकारियों की सतर्कता ने इसे नाकाम कर दिया। इस साल अप्रैल से अक्टूबर तक दिल्ली एयरपोर्ट पर 26.269 किलोग्राम सोना जब्त हो चुका है, जिसकी कीमत 24.68 करोड़ रुपये है। यह आंकड़े बताते हैं कि स्मगलिंग का जाल कितना फैला हुआ है। दुबई से आने वाली फ्लाइट्स पर खास नजर रखी जाती है, क्योंकि वहां सोना सस्ता मिलता है। भारत में सोने की कीमत ऊंची है, इसलिए स्मगलर्स को मुनाफा होता है। एक किलोग्राम सोने की स्मगलिंग से लाखों का फायदा हो जाता है।
यह घटना दिल्ली एयरपोर्ट पर हाल की कई स्मगलिंग कोशिशों की याद दिलाती है। 24 अक्टूबर को ही म्यांमार से आई एक विदेशी महिला यात्री से 996.5 ग्राम सोना बरामद हुआ। सोना उसके अंतर्वस्त्रों में छिपाया गया था। उसकी कीमत 1.17 करोड़ रुपये थी। महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले, 20 अक्टूबर को बैंकॉक से आए एक यात्री के बैग से 3 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गंजा जब्त हुआ। दिल्ली कस्टम ने कहा कि वे हाई-रिस्क रूट्स जैसे दुबई, यांगून और बैंकॉक पर निगरानी बढ़ा रहे हैं। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट पर भी 20-21 अक्टूबर को दो मामलों में नशीले पदार्थ जब्त हुए। ये घटनाएं दिखाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग नेटवर्क कितने सक्रिय हैं। कस्टम विभाग ने प्रोफाइलिंग को मजबूत किया है, जिसमें यात्री के व्यवहार, यात्रा इतिहास और सामान की जांच शामिल है।
सोने की स्मगलिंग भारत में एक बड़ी समस्या है। हर साल करोड़ों रुपये का सोना अवैध तरीके से आता है। दुबई, सऊदी अरब और थाईलैंड जैसे देशों से यह ज्यादातर आता है। स्मगलर्स नए-नए तरीके अपनाते हैं, जैसे बॉडी में छिपाना, सामान में मिलाना या इलेक्ट्रॉनिक्स में फिट करना। इस मामले में बोतल का ढक्कन इस्तेमाल करना अनोखा था। विशेषज्ञ कहते हैं कि एक्स-रे तकनीक को अपग्रेड करने की जरूरत है। कस्टम विभाग ने कहा कि यह जब्ती स्मगलर्स को चेतावनी है। यात्री का नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन पूछताछ में उसके कनेक्शन्स सामने आ सकते हैं। अगर स्मगलिंग सिंडिकेट का हिस्सा पाया गया, तो बड़ा खुलासा हो सकता है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। यहां 24 घंटे कस्टम अधिकारी तैनात रहते हैं। एक्स-रे मशीनें, डॉग स्क्वायड और प्रोफाइलिंग टीम काम करती हैं। ग्रीन चैनल पर भी अब रैंडम चेकिंग होती है। एक अधिकारी ने बताया कि यात्री को गेट से ही शक हुआ, क्योंकि वह घबरा रहा था। उसके फोन की जांच भी की जा रही है। सोना जब्त होने के बाद यात्री को कस्टम्स एक्ट के तहत दंडित किया जाएगा। जुर्माना और जेल हो सकती है। यह घटना यात्रियों को सतर्क करती है कि अवैध सामान लाना महंगा पड़ता है।
भारत में सोने की खपत बहुत ज्यादा है। शादियां, त्योहार और निवेश के लिए सोना खरीदा जाता है। लेकिन आयात शुल्क 15 प्रतिशत है, इसलिए स्मगलिंग आकर्षक लगती है। सरकार ने स्मगलिंग रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। जीएसटी, डिजिटल ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग। लेकिन स्मगलर्स भी पीछे नहीं हटते। हाल के महीनों में देशभर के एयरपोर्ट्स पर 100 किलोग्राम से ज्यादा सोना जब्त हो चुका है। दिल्ली सबसे आगे है। कस्टम विभाग का लक्ष्य जीरो टॉलरेंस है। वे ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रहे हैं।
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कस्टम के वीडियो को हजारों व्यूज मिले। लोग कमेंट कर रहे हैं कि स्मगलर्स कितने चालाक हैं। एक यूजर ने लिखा कि एयरपोर्ट पर सतर्क रहना जरूरी है। दूसरा बोला कि सरकार को सजा सख्त करनी चाहिए। मीडिया ने भी कवरेज दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और इकोनॉमिक टाइम्स ने खबर छापी। वीडियो में एक्स-रे की इमेज देखकर लोग हैरान हैं। यह दिखाता है कि तकनीक कितनी महत्वपूर्ण है।
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