भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़, अदालत ने फरार वकील-पति की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाली 33 वर्षीय बेहद खूबसूरत और उभरती हुई मॉडल व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की
- मौत से ठीक पांच दिन पहले की एक्सक्लूसिव व्हाट्सएप चैट आई सामने, मां से रो-रोकर लगाई थी बचाने की गुहार
- ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और चरित्र हनन का संगीन आरोप, घुट-घुट कर जीने को मजबूर मॉडल ने बयां किया था अपना दर्द
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाली 33 वर्षीय बेहद खूबसूरत और उभरती हुई मॉडल व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब बेहद गंभीर कानूनी और सामाजिक रूप ले चुका है। ग्लैमर्स की दुनिया से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने उस समय एक बहुत बड़ी कानूनी करवट ली जब सोमवार को भोपाल की जिला एवं सत्र अदालत ने मुख्य आरोपी और ट्विशा के फरार चल रहे वकील-पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता, प्रथम दृष्टया सामने आए सबूतों और आरोपी के लगातार पुलिस जांच से भागने के रवैये को देखते हुए उसे किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। इस न्यायिक कड़े रुख के बाद अब स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आरोपी की धरपकड़ के लिए अपनी दबिश और ज्यादा तेज कर दी है।
इस पूरे मामले में जांच को एक बिल्कुल नई और बेहद चौंकाने वाली दिशा तब मिली जब जांच अधिकारियों के हाथ मृतका और उसकी मां के बीच हुई आखिरी मोबाइल बातचीत के कुछ बेहद ही महत्वपूर्ण और एक्सक्लूसिव डिजिटल दस्तावेज लगे। यह पूरी बातचीत व्हाट्सएप मैसेंजर के जरिए की गई थी जो ट्विशा की दर्दनाक मौत से ठीक पांच दिन पहले यानी सात मई की बताई जा रही है। इन लिखित संदेशों के भीतर जो बातें और परिस्थितियां दर्ज हैं, वे किसी भी संवेदनशील इंसान के दिल को पूरी तरह से झकझोर कर रख देने वाली हैं। इन चैट्स के सामने आने के बाद यह पूरी तरह से स्पष्ट हो जाता है कि बाहर से बेहद खुश और आत्मनिर्भर दिखने वाली यह अभिनेत्री अपने वैवाहिक जीवन के भीतर किस कदर मानसिक यातना और असहनीय प्रताड़ना के दौर से गुजर रही थी।
अपनी सगी मां के साथ हुई इस बेहद निजी बातचीत में ट्विशा शर्मा के भीतर का छुपा हुआ डर, भयानकता और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाने का अहसास साफ तौर पर शब्दों में दिखाई दे रहा है। उसने अपने ससुराल वालों के आचरण को लेकर बेहद कड़े और गंभीर शब्दों का इस्तेमाल किया था और मुख्य रूप से अपने पति समर्थ सिंह पर अपनी मर्यादा और चरित्र पर बेबुनियाद शंका करने के बेहद घिनौने आरोप लगाए थे। अपनी मां को भेजे गए एक लंबे संदेश में उसने अपनी गहरी व्यथा व्यक्त करते हुए लिखा था कि वह इस समय अपने जीवन के सबसे बुरे और परेशान करने वाले दौर से गुजर रही है। उसने लिखा था कि उसके ससुराल के लोग बेहद संकीर्ण मानसिकता के हैं जो उस पर लगातार नजर रखते हैं और उसका पति बेहद शर्मनाक तरीके से उसके गर्भ में पल रहे शिशु की पितृत्व पहचान को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है।
व्हाट्सएप चैट में दर्ज मृतका का अंतिम दर्द
"मां मैं यहां बहुत ज्यादा परेशान और दुखी हूं. ये लोग बहुत ही घटिया दर्जे की मानसिकता रखते हैं और हर छोटी बात पर मुझ पर शक करते हैं. समर्थ की प्रताड़ना इस हद तक बढ़ चुकी है कि वह मुझसे सीधे तौर पर पूछता है कि मेरे पेट में जो बच्चा पल रहा है, उसका असली पिता कौन है."
ससुराल के भीतर अपनी जान को लगातार बने हुए गंभीर खतरे का स्पष्ट रूप से उल्लेख करते हुए ट्विशा ने आगे अपने संदेशों में एक बेबस बेटी की तरह अपनी मां से तुरंत आकर उसे उस नरक से बाहर निकालने की भावुक गुहार लगाई थी। उसने लिखा था कि उस आलीशान घर के भीतर उसका दम पूरी तरह से घुट रहा है और वहां का माहौल ऐसा बना दिया गया है जहां न तो उसे खुलकर रोने की आजादी दी जाती है और न ही हंसने की कोई वजह छोड़ी जाती है। उसने खुद को एक बेहद खतरनाक चक्रव्यूह में फंसा हुआ बताते हुए अपनी मां से तत्काल भोपाल आकर उसे अपने साथ ले जाने की विनती की थी, क्योंकि उसे पूरा यकीन हो चला था कि वे लोग उसे किसी भी कीमत पर जिंदा या चैन से जीने नहीं देंगे।
इन तमाम डिजिटल साक्ष्यों और मृतका के परिजनों के लिखित बयानों के आधार पर पुलिस की जांच का दायरा अब केवल आत्महत्या के उकसावे तक सीमित न रहकर एक सुनियोजित हत्या या गंभीर प्रताड़ना के कारण हुई मौत की तरफ मुड़ गया है। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को उसके करियर को छोड़ने और मुंबई के मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह बंद करने के लिए लगातार मजबूर किया जा रहा था। जब उसने अपनी कलात्मक स्वतंत्रता को बनाए रखने का प्रयास किया, तो उसे आर्थिक रूप से पूरी तरह से लाचार बनाने और उसके सामाजिक दायरे को खत्म करने की साजिशें रची जाने लगीं, जिसमें उसके पति की विधिक पृष्ठभूमि का इस्तेमाल उसे डराने के लिए किया जाता था।
भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि वह देश छोड़कर बाहर न भाग सके। पुलिस की तीन विशेष टीमें इस समय उत्तर प्रदेश और दिल्ली के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, जहां आरोपी के छिपे होने की पुख्ता जानकारियां मिली हैं। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक लेन-देन की भी बारीकी से निगरानी की जा रही है ताकि उसके मददगारों की पहचान की जा सके।
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