अजब गजब: 45 की उम्र में गुड़िया से खेलने का जुनून, ब्रिटेन की डॉन ऑस्टिन ने जमा कीं 850 गुड़ियां, कीमत 70 लाख रुपये।
ब्रिटेन की 45 वर्षीय डॉन ऑस्टिन को बार्बी गुड़ियों का ऐसा शौक चढ़ा कि उन्होंने 850 से अधिक बार्बी डॉल्स का अनोखा संग्रह बना डाला, जिसकी...
ब्रिटेन की 45 वर्षीय डॉन ऑस्टिन को बार्बी गुड़ियों का ऐसा शौक चढ़ा कि उन्होंने 850 से अधिक बार्बी डॉल्स का अनोखा संग्रह बना डाला, जिसकी अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये (लगभग £60,000) है। यह संग्रह न केवल उनकी जुनूनी हॉबी को दर्शाता है, बल्कि बार्बी की दुनिया में उनकी गहरी रुचि और समर्पण को भी उजागर करता है। डॉन का यह शौक इतना बढ़ गया है कि अब उनके घर में जगह की कमी हो रही है, और वे अपने पति स्टीव के साथ घर बदलने पर विचार कर रही हैं।
डॉन ऑस्टिन और उनका बार्बी प्रेम: डॉन ऑस्टिन, डर्बीशायर की रहने वाली, ब्रिटेन की सबसे बड़ी बार्बी संग्राहक के रूप में जानी जा रही हैं। उन्होंने अपने इस शौक पर £30,000 (लगभग 35 लाख रुपये) से अधिक खर्च किया है। उनकी इस विशाल संग्रह में कुछ दुर्लभ और लिमिटेड एडिशन बार्बी गुड़ियां शामिल हैं, जिनमें से कई की कीमत दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है। उदाहरण के लिए, उनके पास एक पॉनीटेल बार्बी नंबर टू है, जिसकी कीमत अकेले £6,000 (लगभग 7 लाख रुपये) आंकी गई है। इसके अलावा, एक जापानी एक्सक्लूसिव स्किपर और एक दुर्लभ कोरियाई वंडर वुमन बार्बी भी उनके संग्रह की शान हैं।
डॉन ने बताया कि उनकी इस जुनूनी यात्रा की शुरुआत बचपन में हुई, जब वे बार्बी गुड़ियों के साथ खेलती थीं। उस समय बार्बी उनके लिए एक ऐसी किरदार थीं, जो कुछ भी बन सकती थीं—रॉक स्टार, अभिनेत्री, डॉक्टर, या यहाँ तक कि नन। हालांकि, किशोरावस्था में यह शौक कुछ समय के लिए ठंडा पड़ गया और उन्होंने अपनी बचपन की गुड़ियां दे दीं। लेकिन सालों बाद, एक दिन eBay पर एक बार्बी गुड़िया देखकर उनका पुराना जुनून फिर जाग उठा। इसके बाद तो उन्होंने एक के बाद एक गुड़िया खरीदनी शुरू कर दीं। डॉन कहती हैं, “जब पहली गुड़िया मेरे पास आई, मैं बहुत उत्साहित थी। मैंने और खरीदीं, और देखते ही देखते मेरे पास जगह कम पड़ गई, लेकिन यह मुझे रोक नहीं सका।”
घर में बार्बी की दुनिया: डॉन अपने संग्रह को धूल और नुकसान से बचाने के लिए घर में ग्लास कैबिनेट्स में रखती हैं। उनके घर का हर कोना बार्बी की चमक से भरा है, सिवाय बेडरूम के, जहां उनके पति स्टीव ने सख्ती से गुड़ियों की एंट्री पर रोक लगा रखी है। स्टीव, जो 45 वर्षीय हैं, अपनी पत्नी के इस शौक के बड़े समर्थक हैं। डॉन बताती हैं, “जब मैं स्टीव से मिली, वे मुझे कन्वेंशन्स में ले जाते थे और वीकेंड पर मेरे साथ मार्केट्स और चैरिटी शॉप्स में बार्बी की तलाश करते थे। मुझे इन गुड़ियों की शिल्पकला और इतिहास से प्यार हो गया।”
संग्रह की खासियतें: डॉन का संग्रह केवल संख्या तक सीमित नहीं है; इसमें कई अनमोल और दुर्लभ गुड़ियां शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने एक टॉय शो से पहली ब्लैक बार्बी गुड़िया मात्र £10 में खरीदी, जो एक शानदार डील थी। हालांकि, सभी गुड़ियां इतनी सस्ती नहीं मिलीं—कुछ दुर्लभ गुड़ियों के लिए उन्होंने हजारों पाउंड खर्च किए। डॉन केवल तभी कोई गुड़िया बेचती हैं, जब उन्हें उसी की बेहतर कंडीशन वाली कॉपी मिल जाए। उनका कहना है कि ये गुड़ियां उनके लिए परिवार की तरह हैं, और वे इन्हें बेचने का विचार भी नहीं करतीं।
मैटल का सम्मान और सोशल मीडिया पर वाहवाही: डॉन के इस अनोखे संग्रह ने न केवल सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि बार्बी की निर्माता कंपनी मैटल ने भी उनकी सराहना की है। बार्बी की 65वीं सालगिरह पर मैटल ने डॉन को विशेष उपहार भेजे, जो उनके लिए गर्व का क्षण था। उनकी इस समर्पण की कहानी ने कई लोगों को प्रेरित किया है।
घर में जगह की समस्या: 850 गुड़ियों का यह संग्रह अब इतना बड़ा हो चुका है कि डॉन और स्टीव के लिए घर में जगह बनाए रखना मुश्किल हो गया है। डॉन ने बताया, “मैं अपने संग्रह के साथ उस मोड़ पर पहुँच गई हूँ, जहाँ मुझे यह तय करना है कि कुछ ऐसी गुड़ियों को बेचूँ जिनसे मैं ज्यादा जुड़ी नहीं हूँ, या फिर नया घर ले लूँ। और नया घर लेना ही ज्यादा संभावित विकल्प लगता है।” यह उनके शौक के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को दर्शाता है।
नए संग्राहकों के लिए सलाह: डॉन ने नए बार्बी संग्राहकों के लिए कुछ खास टिप्स भी साझा किए। वे कहती हैं, “ऐसी गुड़ियां खरीदें जो आपको पसंद हों और आपको खुशी दें। कोशिश करें कि वे मिंट कंडीशन में हों। गुड़ियों को रिस्टोर करना सीखें और अपने बजट का पालन करें। प्लास्टिक की यह दुनिया वाकई शानदार है!”
क्यों खास है यह संग्रह? डॉन का संग्रह बार्बी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है। 1959 में रूथ हैंडलर द्वारा बनाई गई बार्बी ने बच्चों को सपने देखने और कुछ भी बनने की प्रेरणा दी। डॉन का कहना है, “बचपन में बार्बी मेरे लिए वह किरदार थी, जिसे मैं कुछ भी बना सकती थी। यह मेरे लिए संभावनाओं की दुनिया थी।” उनके संग्रह में शामिल कुछ दुर्लभ गुड़ियां, जैसे कि 1960 के दशक की पॉनीटेल बार्बी, आज लाखों रुपये की कीमत रखती हैं।
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