Sambhal : नगर पालिका से विधानसभा तक नजर, अब सिस्टम सुधारने की चुनौती, फाइलों की देरी पर फूटा गुस्सा, शान अली ने कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार
शान अली ने साफ कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहेगा। उन्होंने नगर में गंदगी, टूटी सड़कों और नालियों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि पूरे सम्भल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल नगर पालिका परिषद में मनोनीत सदस्य बनने के बाद सय्यद शान अली ने अपने सियासी सफर की बड़ी शुरुआत का संकेत दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बड़ा मौका दिया है और वह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उन्हें विधानसभा तक भी पहुंचने का अवसर मिलेगा।
शान अली ने साफ कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहेगा। उन्होंने नगर में गंदगी, टूटी सड़कों और नालियों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि पूरे सम्भल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जहां-जहां सड़कें खराब हैं, वहां मरम्मत और नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सबसे गंभीर मुद्दा उठाते हुए उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि कई लोगों की फाइलें एक-एक साल से लंबित पड़ी हैं, जिससे गरीबों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शान अली ने भरोसा दिलाया कि इन फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा और प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। जब जिम्मेदारी की बात आई तो उन्होंने साफ तौर पर नगर पालिका के कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि काम में देरी कहीं न कहीं कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिसे सुधारा जाएगा। कुल मिलाकर, शान अली ने साफ संकेत दे दिया है कि वह नगर पालिका में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी पहचान मजबूत करना चाहते हैं और भविष्य में बड़ी राजनीति की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में हैं।
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