Sambhal : ओवैसी से बड़ी हमारी पार्टी, नफरत की राजनीति से देश को खतरा, पार्टी को मिलता है हिंदू समाज का समर्थन - मुस्लिम लीग जिलाध्यक्ष कलीम अशरफ का बड़ा बयान
मौलाना कलीम अशरफ ने कहा कि मुस्लिम लीग केवल मुस्लिम वोटों के सहारे राजनीति नहीं करती, बल्कि हिंदू समाज का भी समर्थन पार्टी को मिलता है। उन्होंने नागपुर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि आरएसएस मुख्यालय वाले शहर में
Report : उवैस दानिश, सम्भल
केरल उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद मुस्लिम लीग के जिलाध्यक्ष मौलाना कलीम अशरफ ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि मुस्लिम लीग देश में मुसलमानों की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और एआईएमआईएम से हमेशा बड़ी रही है। उन्होंने कहा कि केरल में पार्टी ने 27 सीटों पर चुनाव लड़कर 22 विधायक जिताए हैं, जबकि तमिलनाडु में भी दोनों सीटों पर जीत हासिल हुई है।
मौलाना कलीम अशरफ ने कहा कि मुस्लिम लीग केवल मुस्लिम वोटों के सहारे राजनीति नहीं करती, बल्कि हिंदू समाज का भी समर्थन पार्टी को मिलता है। उन्होंने नागपुर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि आरएसएस मुख्यालय वाले शहर में मुस्लिम लीग के चार पार्षद जीते, जिनमें एक हिंदू प्रत्याशी भी शामिल है। ओवैसी पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी को “बी-टीम” नहीं कहती, लेकिन ओवैसी की तकरीरों और नजरिये से विरोधी दलों को फायदा होता है और इसका नुकसान मुसलमानों को उठाना पड़ता है। देश की मौजूदा राजनीति पर निशाना साधते हुए मुस्लिम लीग नेता ने कहा कि “नफरत की राजनीति हिंदुस्तान के लिए खतरा बनती जा रही है।” उन्होंने कहा कि अगर किसी बड़े तबके को विकास और राजनीति से अलग करने की कोशिश होगी तो नुकसान सिर्फ उस समाज का नहीं, बल्कि पूरे देश का होगा। बंगाल चुनाव और बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि “जहां एक बार मस्जिद बन गई, वह अल्लाह का घर हो जाता है।” 2029 के चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी और उत्तर प्रदेश में भी पार्टी विस्तार की तैयारी कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की तरक्की के लिए होनी चाहिए।
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