Sambhal : सम्भल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क का चुनाव आयोग और बीजेपी सरकार पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हाल के बयानों पर बर्क ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश को मौलाना और उलेमा की आज
Report : उवैस दानिश, सम्भल.
सम्भल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर इस प्रक्रिया को जबरन लागू करने का आरोप लगाया। बर्क ने कहा कि इस प्रक्रिया में आधार कार्ड के जरिए वोटरों की संख्या बढ़ाने और घटाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जिम्मेदारी से अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हाल के बयानों पर बर्क ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश को मौलाना और उलेमा की आज भी जरूरत है, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम में इनका सबसे बड़ा योगदान रहा। असम के मुख्यमंत्री के बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा कि देश को मौलाना नहीं बल्कि डॉक्टर और इंजीनियर चाहिए, बर्क ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश को हर वर्ग की आवश्यकता है, लेकिन मौलानाओं की देश के लिए दी गई कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता।
बिहार में प्रधानमंत्री मोदी के "कट्टा सरकार" वाले बयान पर बर्क नाराज हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे पद पर आसीन व्यक्ति को ऐसी भाषा का प्रयोग शोभा नहीं देता। बर्क ने सवाल किया कि अगर बिहार में जंगलराज है तो एनडीए सरकार सत्ता में रहकर क्या कर रही है। उन्होंने इसे भाजपा की असफलता बताया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर भी बर्क ने नाराजगी जताई। धामी ने हरे और नीले दुपट्टे पहनकर मजारों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। बर्क ने कहा कि भाजपा सरकार देश को धार्मिक आधार पर विभाजित करने का काम कर रही है।
What's Your Reaction?