Sambhal : सपा विधायक इकबाल महमूद का बयान- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत, गैर मुस्लिम सदस्यता पर जताई आपत्ति
इकबाल महमूद ने कहा कि अभी उन्होंने पूरा फैसला विस्तार से नहीं पढ़ा है, लेकिन जो जानकारी मिली है उसके आधार पर कुछ बिंदुओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने क
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल : वक्फ (संशोधन) कानून को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम फैसले पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक इकबाल महमूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मोहल्ला मियां सराय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मुसलमान हमेशा से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते आए हैं। बाबरी मस्जिद मामले के फैसले को भी शांति और सम्मान के साथ स्वीकार किया गया था, उसी तरह इस फैसले का भी पालन किया जाएगा।
इकबाल महमूद ने कहा कि अभी उन्होंने पूरा फैसला विस्तार से नहीं पढ़ा है, लेकिन जो जानकारी मिली है उसके आधार पर कुछ बिंदुओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी मुस्लिम ट्रस्ट में गैर मुस्लिम व्यक्ति को सदस्य बनाने का प्रावधान समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या हम राम मंदिर ट्रस्ट में किसी मुसलमान को शामिल कर सकते हैं? यह उनका अधिकार है, उसी तरह मुस्लिम ट्रस्ट में भी गैर मुस्लिम सदस्य होना गलत प्रतीत होता है।"
विधायक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों के सर्वे का अधिकार कलेक्टर को दिए जाने वाले प्रावधान को रद्द कर दिया है, जो स्वागत योग्य है। इसके अलावा, कानून में कम से कम पांच साल से इस्लाम धर्म मानने वाले व्यक्ति को सदस्य बनाने की शर्त थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड में तीन गैर मुस्लिम सदस्य रखने के प्रावधान पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए तय कर दिया है कि तीन से अधिक गैर मुस्लिम सदस्य नहीं हो सकते। यह निर्णय अब अंतिम है और इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।
इकबाल महमूद ने कहा कि अदालत के अधिकांश फैसले स्वागत योग्य हैं, लेकिन वक्फ ट्रस्ट में गैर मुस्लिम सदस्य शामिल करने का प्रावधान मुस्लिम समाज की भावनाओं के अनुरूप नहीं है और यह उन्हें गलत लगता है।
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