Baitul : बैतूल के सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास में ठेकेदार की मनमानी, निर्माण सामग्री से छात्राओं को खतरा

छात्रावास की अधीक्षिका ने बताया कि ठेकेदार को कई बार निर्माण सामग्री हटाने और छात्राओं के रास्ते को अवरुद्ध न करने की चेतावनी दी गई, लेकिन ठेकेदार

Sep 15, 2025 - 19:27
 0  67
Baitul : बैतूल के सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास में ठेकेदार की मनमानी, निर्माण सामग्री से छात्राओं को खतरा
बैतूल के सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास में ठेकेदार की मनमानी, निर्माण सामग्री से छात्राओं को खतरा

Report : शशांक सोनकपुरिया, बैतूल- मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय के घोड़ाडोंगरी में स्थित सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास में ठेकेदार की मनमानी से छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।छात्रावास परिसर में चल रहे नवीन भवन निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने लोहे की सरिया, टीन, रेत और गिट्टी खुले में डंप कर रखी है, जिससे छात्राओं के आवागमन में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा, पोकलैंड मशीन से छात्रावास की सीसी सड़क को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।छात्रावास की अधीक्षिका ने बताया कि ठेकेदार को कई बार निर्माण सामग्री हटाने और छात्राओं के रास्ते को अवरुद्ध न करने की चेतावनी दी गई, लेकिन ठेकेदार और उनके कर्मचारी उनकी बात अनसुनी कर रहे हैं।खुले में पड़ी लोहे की सरिया और अन्य सामग्री के कारण छात्राओं को किसी बड़े हादसे का डर बना हुआ है। अधीक्षिका ने यह भी कहा कि निर्माण शुरू होने से पहले ही ठेकेदार को सामग्री कहीं और रखने के लिए कहा गया था, लेकिन उनकी मनमानी के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है।आरोप है कि ठेकेदार को विभागीय अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वह बिना किसी डर के मनमानी कर रहा है। निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की जानकारी उपलब्ध हो सके। आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विवेक पांडे से दो दिन तक संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।स्थानीय लोगों और छात्रावास कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से इस मामले में जांच करवाने और ठेकेदार की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला जिला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहा है, और अब यह देखना होगा कि इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Also Click : Sambhal : धार्मिक ग्रंथों व आस्थाओं पर टिप्पणी करने वालों पर सख्त कानून बने - AIMIM

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow