Sitapur : नैमिषारण्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष पथ संचलन संपन्न
चक्रतीर्थ पर सभी स्वयंसेवक एकत्र हुए। वहां सहप्रांत प्रचारक संजय मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और संघ के शताब्दी वर्ष
नैमिषारण्य-सीतापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीतापुर विभाग ने घोष पथ संचलन का भव्य आयोजन किया। यह पथ संचलन पहला आश्रम से शुरू होकर कालीपीठ चौराहा और ललिता देवी मंदिर होते हुए पंचायती धर्मशाला से चक्रतीर्थ पर समाप्त हुआ।
घोष वादन के साथ अनुशासित पंक्तियों में स्वयंसेवक नगर भ्रमण करते हुए निकले। मार्ग में लोगों ने जगह-जगह फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। पूरे विभाग से सैकड़ों स्वयंसेवक इसमें शामिल हुए। सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिक इसे देखने के लिए मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा।
चक्रतीर्थ पर सभी स्वयंसेवक एकत्र हुए। वहां सहप्रांत प्रचारक संजय मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि संघ अपने 100 वर्ष पूरे कर शताब्दी मना रहा है। देश भर में संघ से जुड़े करीब 65 हजार स्थान पर कार्यक्रम चल रहे हैं। साथ ही 36 हजार बड़े विद्यालय और एक लाख से अधिक एकल विद्यालय समाज निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
सहप्रांत प्रचारक ने कहा कि संघ एक परिवार की तरह है, जिसमें कोई पंजीकरण नहीं होता। जुड़ने वाला हर व्यक्ति परिवार का हिस्सा बन जाता है। उन्होंने समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक अनुशासन को पंच परिवर्तन के मुख्य बिंदु बताए। स्वयंसेवकों से इन मूल्यों को जीवन में उतारने और समाज तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम में विभाग प्रचारक अभिषेक, सहप्रांत घोष प्रमुख संतोष, जिला प्रचारक आकाश, जिला कार्यवाह आशीष सहित समीर, पवन, अविजित, वीरू, गोविंद, सचिन, अंशू, दीपक, सूर्यप्रताप और सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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