Sitapur: तालाब पर बनी पुलिया बनी भ्रष्टाचार की मिसाल, मिट्टी डालने में भी लापरवाही।
विकास खण्ड खैराबाद की ग्राम पंचायत दारानगर में करीब एक वर्ष पूर्व तालाब पर बनी पुलिया अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण बनती
रिपोर्ट- संदीप चौरसिया
खैराबाद / सीतापुर। विकास खण्ड खैराबाद की ग्राम पंचायत दारानगर में करीब एक वर्ष पूर्व तालाब पर बनी पुलिया अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण बनती जा रही है। बीते बरसात के दौरान पुलिया का एक किनारा कट गया था। इसकी मरम्मत के नाम पर लगभग दो माह पूर्व पुलिया पर मिट्टी डलवाई गई लेकिन वह मिट्टी आधे से अधिक इधर-उधर बिखर गई। जो मिट्टी बची उसे भी यथा स्थान पर न डालकर न तो समतल किया गया और न ही मजबूती के कोई इंतजाम किए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी डालने का कार्य केवल कागजों तक सीमित रहा जिससे विकास कार्यों की पोल खुलकर सामने आ रही है। इतना ही नहीं पुलिया के उत्तर दिशा का किनारा चिटक (धंस) चुका है और धीरे-धीरे पूरी पुलिया के धंसने का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मानकविहीन तरीके से पुलिया का निर्माण कराया गया। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भी आम जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान हालात यह हैं कि पुलिया से सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मधवापुर निवासी श्यामू दीक्षित ने बताया कि “दो माह पहले मिट्टी आई थी, लेकिन उसे सही ढंग से डाला ही नहीं गया। इससे ज्यादा लापरवाही और क्या हो सकती है।” ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई जबकि जमीन समतल नहीं कराई गई और मिट्टी भी बेकार हो गई।
इस संबंध में जब ग्राम पंचायत विकास अधिकारी गुलशन कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “इसको दिखाते हैं।फिलहाल ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और वे मांग कर रहे हैं कि पुलिया की गुणवत्ता की जांच कराकर मानक के अनुरूप स्थायी मरम्मत कराई जाए ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके।
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