Sitapur : सीतापुर स्वास्थ्य विभाग में ACR को लेकर दोहरी व्यवस्था से कर्मचारियों में असंतोष
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के अधिकांश चिकित्सा अधीक्षकों ने कर्मचारियों की ACR का डाटा पहले ही मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन कर दिया है। उत्तर प्रदेश में यह
सीतापुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में नियमित कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) स्वीकृति के लिए मैनुअल अभिलेख मंगवाए जाने और देरी पर वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश सभी अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि सभी कर्मचारियों के ACR से जुड़े अभिलेख कार्य विवरण सहित पटल सहायक को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। यदि समय पर ACR पूर्ण नहीं हुई तो वेतन संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा और वेतन पर रोक लगाई जाएगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के अधिकांश चिकित्सा अधीक्षकों ने कर्मचारियों की ACR का डाटा पहले ही मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन कर दिया है। उत्तर प्रदेश में यह पोर्टल सरकारी कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन का मुख्य माध्यम है, जहां ACR सबमिशन और अप्रूवल पूरी तरह ऑनलाइन होता है। ऐसे में मैनुअल अभिलेख मंगवाना डिजिटल व्यवस्था की उपयोगिता पर सवाल खड़े करता है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी हो चुकी है तो कागजी फाइल मांगना अनावश्यक है। इससे कार्यभार बढ़ता है और वेतन रोकने की चेतावनी से मानसिक दबाव बन रहा है। आदेश की प्रतिलिपि जिला प्रशासनिक अधिकारी, आहरण वितरण अधिकारी और लेखा अनुभाग को भेजी गई है, जिसमें ACR पूर्ण होने के बाद ही वेतन स्वीकार करने के स्पष्ट निर्देश हैं।
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का मानना है कि ऑनलाइन और मैनुअल दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चलाना भ्रम पैदा करता है और विलंब तथा दंडात्मक कार्रवाई की आशंका बढ़ाता है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि या तो ऑनलाइन ACR को अंतिम माना जाए या मैनुअल अभिलेखों की अनिवार्यता पर स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए। बिना स्पष्टता के वेतन रोकने जैसे आदेश कर्मचारी हितों के खिलाफ माने जा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि विभाग इस पर कोई संशोधित आदेश या स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं।
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