Hardoi: हरदोई में दहेज के खिलाफ सख्ती, जिला प्रशासन ने जारी की कड़ी चेतावनी।
समाज में व्याप्त दहेज प्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन हरदोई ने सख्त कदम उठाते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी
हरदोई। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने सूचित किया है, कि समाज में व्याप्त दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। इस कानून के अंतर्गत दहेज लेना और दहेज देना, दोनो ही दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि विवाह के अवसर पर वर पक्ष द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति (सम्पत्ति के कागजात आदि) की मांग करना अपराध है। यदि कोई व्यक्ति दहेज लेता है, देता है या दहेज लेने/देने में मदद करता है, तो उसे कम से कम 5 वर्ष के कारावास और 15,000 रूपये या दहेज के मूल्य के बराबर (जो भी अधिक हो) जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अपने बेटे, बेटी या रिश्तेदार के विवाह के बदले समाचार पत्र या अन्य माध्यमों से संपति या व्यापार में हिस्सेदारी का प्रस्ताव (विज्ञापन) देता है, तो उसे 6 महीने से 5 वर्ष तक की जेल हो सकती है।
विवाह के समय दिए जाने वाले स्वेच्छापूर्वक उपहारों (जो दहेज की श्रेणी में नहीं आते) की एक हस्ताक्षरित सूची बनाना अनिवार्य है। जिला प्रशासन सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और अभिभावकों से अपील करता है कि वे दहेज मुक्त विवाह का संकल्प लें। यदि आपके संज्ञान में दहेज की मांग या इससे जुड़ी प्रताड़ना का कोई मामला आता है, तो तुरन्त संबंधित थाना या जिला प्रोबेशन कार्यालय में रिर्पाेट करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। दहेज एक सामाजिक कलंक है। आइए, मिलकर एक सभ्य और सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
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