हरदोई के सेमरझाला में मंडी समिति की जर्जर सड़क और हर घर जल योजना के भ्रष्टाचार ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें।

Hardoi News: जिले की सवायजपुर तहसील के ग्राम सेमरझाला में मंडी समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़क की स्थिति कई वर्षों....

Aug 2, 2025 - 15:43
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हरदोई के सेमरझाला में मंडी समिति की जर्जर सड़क और हर घर जल योजना के भ्रष्टाचार ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें।
हरदोई के सेमरझाला में मंडी समिति की जर्जर सड़क और हर घर जल योजना के भ्रष्टाचार ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें।

Hardoi News: जिले की सवायजपुर तहसील के ग्राम सेमरझाला में मंडी समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़क की स्थिति कई वर्षों से अत्यंत दयनीय बनी हुई है। लगभग 2 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सैकड़ों गड्ढे हैं, जिनमें कुछ 3 से 4 फीट गहरे हैं, जिसके कारण इस मार्ग से गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहिया वाहन से इस दूरी को तय करने में 20 मिनट से अधिक समय लगता है, और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अक्सर दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इस सड़क की बदहाली और ग्राम प्रधान की निष्क्रियता के साथ-साथ हर घर जल योजना के तहत हुए कथित भ्रष्टाचार ने ग्रामीणों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क की स्थिति तब और बिगड़ गई जब हर घर जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदा गया। इस कार्य के बाद ठेकेदारों ने सड़क को सुधारने की कोई कोशिश नहीं की और इसे जर्जर हालत में छोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ, और ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़कर फंड का दुरुपयोग किया। सड़क की मरम्मत के लिए न तो मंडी समिति ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही ग्राम पंचायत ने इस दिशा में कोई पहल की। ग्रामीणों का कहना है कि मंडी समिति के पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही संसाधन, जिसके कारण सड़क की मरम्मत का कार्य वर्षों से लंबित है।

स्थानीय लोगों ने ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रधान नशे की हालत में रहते हैं और प्रधानी का कार्य दूसरों के हाथों में सौंप रखा है। पिछले पांच वर्षों में सेमरझाला में विकास के नाम पर एक रुपये का काम नहीं हुआ। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव होने के कारण प्रशासन और स्थानीय नेताओं की जवाबदेही कम हो गई है, और ग्रामीणों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि इस सड़क को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन लाया जाए, ताकि इसकी मरम्मत और रखरखाव बेहतर ढंग से हो सके।

हरदोई जिले की सवायजपुर तहसील में करीब 380 गांव हैं, और सेमरझाला उनमें से एक है। यह क्षेत्र अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है, लेकिन खराब बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से सड़कों की स्थिति, ने ग्रामीणों के लिए आवागमन को कठिन बना दिया है। मंडी समिति के तहत आने वाली सड़कें व्यापार और कृषि उपज के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सेमरझाला की इस सड़क की स्थिति मंडी समिति की लापरवाही को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढों के कारण न केवल दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हो रही है।

हर घर जल योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, इस गांव में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का पर्याय बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को ठीक करने के लिए कोई फंड आवंटित नहीं किया गया, और ठेकेदारों ने बिना कार्य पूरा किए क्षेत्र छोड़ दिया। पंचायती राज विभाग की वेबसाइट के अनुसार, ग्राम पंचायतों को सड़कों और जल निकासी की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन सेमरझाला में यह जिम्मेदारी पूरी तरह से नजरअंदाज की गई है।

स्थानीय प्रशासन और मंडी समिति से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए और हर घर जल योजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच हो। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि पैदल चलने से इस सड़क को पार करना अधिक सुरक्षित है, क्योंकि गड्ढों के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि ग्राम प्रधान की निष्क्रियता की जांच की जाए और भ्रष्टाचार के आरोपों की गहन पड़ताल हो।

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