MP News: CCF के संरक्षण में रेलवे के ठेकेदारों के हौसले बुलंद- तबाह हो रहे वृत के जंगल, जगह जगह जेसीबी से खोदकर बनाये बीच जंगल मे रास्ते। 

हो रही दर्जनों डम्परों को आवाजाही,वन संपदा को नुकसान , जंगल की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल,सागौन की बल्लियाँ काटकर बिछा दी  रोड के किनारे ,काटे गए पेड़ भी छोड़ दिये रेल्वे ठेकेदार के भरोसे...

By INA News Desk
May 15, 2025 - 16:48
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MP News: CCF के संरक्षण में रेलवे के ठेकेदारों के हौसले बुलंद- तबाह हो रहे वृत के जंगल, जगह जगह जेसीबी से खोदकर बनाये बीच जंगल मे रास्ते। 
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रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में तेजी से वनों का सफाया हो रहा है और जिले के जिम्मेदार अधिकारी दे रहे ठेकेदारों को संरक्षण बर्बाद होते जंगलों के खामियाजा भुगत रहे आमजन हो रहे ग्लोबल वार्मिंग का शिकार जिले में पड़ रही भीषण गर्मी फिर भी जिम्मेदार जंगल बचाने की बजाए मीडिया को हो शिकायत कर्ता बनाने में लग गए कहते है आप लिखित शिकायत कर दो हम जांच करवा लेते है। 

बता दें कि बैतूल वन वृत के जंगल बर्बादी की कगार पर है जिसका सबसे बड़ा कारण जिले में वन विभाग के सबसे बड़े अधिकारी  सीसीएफ ही माफियाओं और ठेकेदारों को संरक्षण देने में लगे हुए है ताजा मामला बैतूल में चल रहे तीसरी रेल लाइन का है जहाँ मरामझिरी   से लगे जंगलो को ठेकेदारों द्वारा सफाया किया जा रहा है वही जंगल में जेसीबी की मदद से खुदाई करके रास्ते बना लिए है जिससे आने वाले समय मे माफियाओं को सहूलियत हो जाएगी और जंगल के बेशकीमती सागौन का परिवहन भी आसानी से किया जा सकेगा। 

वहीं सागौन के पेड़ काटने के बाद लकड़ियां भी ठेकेदार के सुपुर्द कर दी है जिससे आये दिन बेशकीमती सागौन की चोरी के मामले भी बढ़ते जा रहे है वहीं ठेकेदार द्वारा जगंलों में अवैध रूप से मुरम गिट्टी डंप करके रखा जा रहा है इस मामले में सीसीएफ से सवाल करने पर उन्होंने साफ तौर पर मीडिया को शिकायत करने की सलाह दे डाली मामले में डीएफओ छुट्टी पर होने से जांच का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। 

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अब देखना यह होगा कि पीसीसीएफ  द्वारा मामले में संज्ञान लेकर जांच के बाद जिले के जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जाती है या आज जो आमजन ग्लोबल वार्मिंग के कारण 40 डिग्री  का टेम्परेचर झेल रहे है आने वाले समय मे 50 डिग्री या उससे अधिक गर्मी को झेलने पर मजबूर होना पड़ेगा और ठेकेदारों और माफियाओं के साथ मिलकर जिले के  जिम्मेदार जंगल को बेचने में लगे रहेंगे।

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