उत्तर प्रदेश सरकार ने MRO दिशा-निर्देशों को दी औपचारिक मंज़ूरी, युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर। 

Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में वायुयानों के रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहॉल सुविधाओं के समुचित विकास हेतु....

Jul 11, 2025 - 19:39
 0  61
उत्तर प्रदेश सरकार ने MRO दिशा-निर्देशों को दी औपचारिक मंज़ूरी, युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर। 
उत्तर प्रदेश सरकार ने MRO दिशा-निर्देशों को दी औपचारिक मंज़ूरी
  • राज्य में पूंजी निवेश और औद्योगिक आधार को मिलेगा बढ़ावा
  • एविएशन हब के रूप में उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान होगी मजबूत
  • इस नीति का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन तिथि 31 दिसम्बर, 2024 से बढ़ाकर 31 दिसम्बर, 2026

Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में वायुयानों के रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहॉल (Maintenance, Repair and Overhaul – MRO) सुविधाओं के समुचित विकास हेतु एक महत्त्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए नागरिक उड्डयन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुत MRO दिशा-निर्देशों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया (Guidelines and Implementation Procedures)  को औपचारिक रूप से अनुमोदन प्रदान कर दिया है, जो कि राज्य में पूंजी निवेश को आकर्षित करने, एविएशन उद्योग को संस्थागत आधार प्रदान करने तथा विमानन क्षेत्र को रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। 

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव श्री ए.स.पी. गोयल की ओर से 30 जून, 2025 को निदेशक नागरिक उड्डयन को आवश्यक निर्देश दे दिये गये है। यह निर्णय उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश को देश का एक अग्रणी एविएशन हब बनाने की परिकल्पना की गई है। वर्ष 2022 में शासनादेश संख्या 50/2022 के माध्यम से घोषित MRO नीति के तहत, राज्य सरकार ने पहले ही पूंजी निवेश करने वाली संस्थाओं के लिए Capital Investment Subsidy की व्यवस्था तथा "MRO Capital Investment Subsidy Request Form" के प्रारूप को 24 जनवरी 2024 को अनुमोदन प्रदान किया था, जबकि निवेशकों की सुविधा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को अब 31 दिसंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया गया है। नवीनतम दिशा-निर्देशों की स्वीकृति के साथ अब राज्य में MRO गतिविधियों की स्थापना हेतु नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत निवेशकों को भूमि आवंटन, बुनियादी ढांचा सुविधाएँ, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं में प्राथमिकता, तथा समयबद्ध अनुमति प्रक्रिया जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निजी क्षेत्र को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।

यह पहल राज्य के युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, नए कौशल विकास कार्यक्रमों एवं व्यापक रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के तकनीकी संस्थानों को विमानन क्षेत्र से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने की संभावना भी बढ़ेगी। साथ ही, क्षेत्रीय हवाईअड्डों के समीप आधुनिक MRO हब विकसित किए जाने की संभावना से स्थानीय विकास को भी बल मिलेगा। शासन का यह निर्णय उत्तर प्रदेश को न केवल विमानन सेवाओं में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि देश-विदेश की विमानन कंपनियों को एक सक्षम, सुलभ और प्रोत्साहनकारी पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान कर, राज्य को राष्ट्रीय एवं वैश्विक एविएशन नक्शे पर एक प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में सशक्त आधार तैयार करेगा। यह नीति मुख्यमंत्री जी के “उद्यमी उत्तर प्रदेश” की अवधारणाओं को साकार करने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ और नागरिकों को प्रत्यक्ष हित प्राप्त होंगें। 

ALso Read- भ्रष्टाचार पर प्रहार: छात्रावास के लिए जारी धनराशि के दुरूपयोग पर अधीक्षिका निलंबित।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।