Uttrakhand : बन्नाखेड़ा में वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह का आयोजन, ग्रामीणों को संरक्षण की दी जानकारी

कार्यक्रम में उधम सिंह नगर जिले के बन्नाखेड़ा, रेहटा और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इनमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि

Oct 3, 2025 - 21:10
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Uttrakhand : बन्नाखेड़ा में वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह का आयोजन, ग्रामीणों को संरक्षण की दी जानकारी
Uttrakhand : बन्नाखेड़ा में वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह का आयोजन, ग्रामीणों को संरक्षण की दी जानकारी

बाजपुर। वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के तहत बन्नाखेड़ा वन क्षेत्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर वनों और वन्य जीवों की रक्षा के तरीकों पर चर्चा की। लोगों को जंगलों को बचाने और वन्य जीवों के साथ सह-अस्तित्व में रहने के महत्व के बारे में बताया गया। यह आयोजन मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया।

बन्नाखेड़ा के वन विहार भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मनप्रीत कौर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी वन प्रभागीय अधिकारी मनीष जोशी ने शिरकत की। वन क्षेत्र अधिकारी नवल किशोर कपिल ने बताया कि यह कार्यक्रम वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में जंगलों का क्षेत्रफल देश के औसत से कहीं अधिक है, लेकिन बढ़ते मानव हस्तक्षेप से वन्य जीवों का आवास सिकुड़ रहा है। इससे संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिनमें हाल के वर्षों में सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं।

कार्यक्रम में उधम सिंह नगर जिले के बन्नाखेड़ा, रेहटा और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इनमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहन सिंह भीकमपुरी, नरेंद्र सिंह खबरी, ग्राम प्रधान रवि बरुआ केला बनवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य चंचल सिंह बन्नाखेड़ा, कुलवंत सिंह चनकपुर, बबलू पाल बरहैंनी, ग्राम प्रधान रोहित सेमवाल चनकपुर शामिल थे। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र शर्मा और राजकीय इंटर कॉलेज बन्नाखेड़ा के शिक्षकों तथा स्थानीय ग्रामीणों की भी अच्छी संख्या रही।मुख्य वक्ता मनीष जोशी ने सभी से अपील की कि वे अपने घरों के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें और रात में रोशनी की उचित व्यवस्था करें। इससे वन्य जीवों का इलाके में अनावश्यक घुसपैठ रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वन्य जीवों के हमलों में होने वाली जनहानि पर सहायता राशि को दस लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। जोशी ने कहा कि वन्य जीव सप्ताह की इस वर्ष की थीम "मानव-वन्य जीव सह-अस्तित्व" है, जो बताती है कि इंसान और जानवर एक साथ रह सकते हैं बशर्ते हम सतर्क रहें।

सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र शर्मा ने वनों की रक्षा के लिए सबको प्रेरित किया। उन्होंने वन विभाग से अनुरोध किया कि मृतक के शवदाह के लिए जलौनी लकड़ी विभाग स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोग अवैध कटाई पर निर्भर न रहें। शर्मा ने कहा कि छोटे-छोटे कदम जैसे पेड़ लगाना और जंगलों में आग न लगाना भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

कार्यक्रम में बन्नाखेड़ा उपवन क्षेत्र अधिकारी दीवान सिंह बिष्ट, जतन पाल सिंह वन दरोगा, कमल किशोर वन दरोगा, शांति पांडे, सुरेश तिवारी, हरि शिंदे वन रक्षक, मोहित कंबोज, मनोज बिष्ट, विशाल सिंह, ज्ञान सिंह, शिवानी और आंचल आदि वनकर्मियों ने भी भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर वन्य जीवों के संरक्षण पर पोस्टर प्रदर्शनी लगाई और छोटे व्याख्यान दिए।

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