Hardoi News: फसल अवशेष प्रबन्धन योजनान्तर्गत ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन।

नोडल अधिकारी डा0 डी0बी0 सिंह ने बताया कि निरन्ता धान-गेहू के फसल चक्र को अपनाने से मृदा स्वास्थ्य काफी गिर....

Dec 13, 2024 - 18:18
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Hardoi News: फसल अवशेष प्रबन्धन योजनान्तर्गत ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन।

हरदोई। ग्राम-मझरेता विकास खण्ड्-बाावन में फसल अवशेष प्रबन्धन योजनान्तर्गत ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फसल अवशेषों को भूमि में दबाकर मृदा स्वास्थय को सुधारना है।

इस अवसार पर कृषि विज्ञान केन्द्र, हरदोई के वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा0 डी0बी0 सिंह ने बताया कि निरन्ता धान-गेहू के फसल चक्र को अपनाने से मृदा स्वास्थ्य काफी गिर गया है जिससे भूमि में जीवांश कार्बन की मात्रा आवश्यकता की लगभग 20 प्रतिशत ही रह गई है। भुमि में फसल अवशेष मिलाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा व फसल उत्पादन अच्छा व स्वास्थ्य बर्धक होगा तथा पर्यावरण में सुधार होगा अतः धान की पराली, अनय फसलों के अवशेष को भूमि में हैप्पी सीडर, हैरो आदि से टुकडे कर भूमि में मिलायें ताकि मृदा स्वास्थ्य सुधर सकें व निरन्त्र टिकाउ उत्पादन लिया जा सकें।

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इस अवसर पर केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डा० ए० के० तिवारी ने बताया कि जल संरक्षण करने, पर्यावरण को प्रदुषण से बचाने एवं मृदा स्वास्थ्य को सुधारने हेतु तथा नमी संरक्षण हेतु पराली आदि फसल अवशेषों को भूमि में मिलाना आवश्यक है, ताकि जीवांश कार्बन की मात्रा बढाकर अच्छा व गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन लिया जा सकें उन्होंने वेस्ट् डिकम्पोजर का प्रयोग कर फसल अवशेष शीघ्र सडाने की सलाह दी तथा प्रत्येक वर्ष हरी खाद् के रूप में गेहें की कटाई के बाद कैंचा की बुवाई सलाह दी ताकि मृदा स्वास्थ्य सुधर सकें। कार्यक्रम में लगभाग 50 अधिक कृषक महिला एवं पुरूष ने प्रतिभाग किया।

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