Saharanpur : नोटिस मिला, अफसर नहीं मिले, नों मैपिंग सुनवाई में भटकते रहे मतदाता, बीएलओ की लापरवाही से आम जनता परेशान
उनका कहना था कि वे अपना काम छोड़कर आए थे लेकिन प्रशासन की लापरवाही से वे बेकार परेशान हुए। शहजादपुर ढालवाला के प्रमोद कुमार, अब्दुल रहमान, मरगूब आलम, मुस्तकीम, शमीम और मुज
छुटमलपुर/सहारनपुर। विकास खंड मुजफ्फराबाद में नाम सुधार और जोड़ने की सुनवाई व्यवस्था रविवार को पूरी तरह विफल हो गई। बूथ लेवल अधिकारियों की लापरवाही से बड़ी संख्या में आए मतदाताओं को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा। तय समय पर विकास खंड कार्यालय पहुंचने के बावजूद अधिकारी नहीं मिले और कार्यालयों में ताले लगे रहे। इन दिनों क्षेत्र में नाम मैपिंग से जुड़ी सुनवाई चल रही है।
इसी क्रम में बीएलओ ने मतदाताओं को रविवार सुबह 10 बजे सुनवाई के लिए नोटिस दिए थे। नोटिस मिलने पर मतदाता जरूरी दस्तावेज लेकर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे लेकिन वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। बारिश के बीच दूर-दूर से आए मतदाता घंटों इंतजार करते रहे। जब काफी देर तक कोई नहीं आया तो लोगों में गुस्सा फैल गया।
उनका कहना था कि वे अपना काम छोड़कर आए थे लेकिन प्रशासन की लापरवाही से वे बेकार परेशान हुए। शहजादपुर ढालवाला के प्रमोद कुमार, अब्दुल रहमान, मरगूब आलम, मुस्तकीम, शमीम और मुजफ्फराबाद के अंकित कुमार ने बताया कि बीएलओ ने स्पष्ट रूप से रविवार सुबह 10 बजे का समय बताया था। समय पर पहुंचने पर ताला लगा मिला और कोई अधिकारी नहीं था।
बाद में अधिकारियों से फोन पर बात करने पर पता चला कि बीएलओ ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी। रविवार अवकाश होने से अधिकारी कार्यालय नहीं आए। जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने मतदाता सुनवाई के लिए सख्त निर्देश दिए थे कि किसी स्तर पर लापरवाही न हो और मतदाताओं को परेशानी न झेलनी पड़े। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन निर्देशों की अनदेखी हुई। मतदाताओं ने मामले की जांच कर लापरवाह बीएलओ और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ताकि आगे ऐसा न हो।
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