Lucknow: उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आगामी सप्ताह हेतु मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी। 

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के महानिदेशक डा. संजय सिंह की अध्यक्षता में संपन्न क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की 23वीं बैठक

By INA News Desk
Feb 13, 2026 - 16:33
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Lucknow: उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आगामी सप्ताह हेतु मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी। 
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आगामी सप्ताह हेतु मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी। 
  • किसानों के लिए फसल प्रबंधन और रोगों से बचाव हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के महानिदेशक डा. संजय सिंह की अध्यक्षता में संपन्न क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की 23वीं बैठक में प्रदेश के किसानों के लिए आगामी दो सप्ताह हेतु मौसम आधारित कृषि परामर्श और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस अवसर पर किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित एक विशेष पोर्टल का भी उद्घाटन किया गया, जो कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।

बैठक में मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बताया गया कि आगामी सप्ताह में उत्तर प्रदेश के उत्तरार्ध हिस्सों में छिटपुट वर्षा की संभावना है, जबकि 17 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है। परिषद ने किसानों को सलाह दी है कि वे रबी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई करें और जनवरी में बोई गई गेहूं की फसल में उचित नमी की दशा में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग सुनिश्चित करें।

कृषि विशेषज्ञों ने विभिन्न फसलों के लिए विशिष्ट प्रबंधन तकनीकें साझा की हैं। आलू की खुदाई से 10 दिन पहले बेल काटने और उसके बाद मक्के की बुआई करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, गन्ने की बसंतकालीन बुआई के लिए उन्नत किस्मों और अंत:फसल के रूप में गन्ना-उर्द या गन्ना-भिंडी की खेती करने की सलाह दी गई है ताकि किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों में विषाणु रोग (लीफ कर्ल) के प्रसार को रोकने हेतु फिप्रोनिल या इमिडाक्लोप्रिड के छिड़काव का निर्देश दिया गया है।

पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशुओं में एफएमडी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका लाभ किसान अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मत्स्य पालकों को मत्स्य बीज उत्पादन के लिए कॉमन कार्प ब्रीडिंग की तैयारी शुरू करने का परामर्श दिया गया है। बैठक में उपकार के वैज्ञानिकों सहित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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