Milkipur Upchunav News: मिल्कीपुर उपचुनाव मे 3 लाख 70 हजार मतदाता करेंगे 10 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला।
मिल्कीपुर उपचुनाव, स्टार प्रचारकों की भरमार, ताबड़तोड़ रैली,शब्द वार तेज.....
रिपोर्ट- देव बक्श वर्मा
अयोध्या। मिल्कीपुर उपचुनाव Milkipur Upchunav मे 3 लाख 70 हजार मतदाता करेंगे 10 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला। मिल्कीपुर उपचुनाव, Milkipur Upchunav स्टार प्रचारकों की भरमार हो गया है। ताबड़तोड़ रैली, 30 जनवरी को सपा की स्टार प्रचारक डिंपल यादव करेगी रोड शो, 31 जनवरी को सीएम योगी फिर होंगे मिल्कीपुर में, केशव प्रसादमोर्य की रैली होगी। प्रचार के अंतिम दिन 3 फरवरी को सपा के सुपरस्टार प्रचारक अखिलेश यादव मिल्कीपुर की जनता को करेंगे संबोधित।मिल्कीपुर उपचुनाव 5 फरवरी को मतदान, 8 फरवरी को मतगणना,। विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए हैं चार जोनल मजिस्ट्रेट, 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट।
मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव का चुनाव का प्रचार चल रहा है। राजनीतिक पार्टियों अपने-अपने ढंग से चुनाव प्रचार में जुट गई है। 3 लाख 70 हजार 829 मतदाता करेंगे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला। 1 लाख 92 हजार 984 पुरुष मतदाता, 1 लाख 77 हजार 838 महिला मतदाता। सात थर्ड जेंडर भी करेंगे मतदान। विधानसभा क्षेत्र में 4811 नए युवा मतदाता।
विधानसभा में है 255 मतदान केंद्र,414 मतदेयस्थल। देखा जा रहा है कि मौसम का ठंड जैसे-जैसे कम होता जा रहा है। चुनावी पारा वैसे-वैसे बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब ठंड के मौसम में चुनावी पारा गर्म हो गया। सपा, भाजपा के बीच शब्द वार तेज हो गया है । ऐसे में मुकाबला सपा और भाजपा के बीच ही होगा। इस बार देखा जा रहा है कि चुनाव प्रत्याशी नहीं बल्कि पार्टी और पार्टी के मुखिया चुनाव लड़ रहे हैं। सारी प्रतिष्ठा पार्टी और पार्टी के मुखिया की लगी हुई है। लोकसभा सीट सपा केजीतने और भाजपा के हारने से पूरे देश में यह सीट चर्चा का विषय बन गई। सपा ने भी इसे खूब भुनाया।
चुनाव को यदि चुनाव की तरह लड़ा जाए अपनी-अपनी पार्टियों अपने द्वारा किए गए कार्यों और भविष्य में कराए जाने वाले कार्यों का बखान करें तो बेहतर होगा। किंतु उससे हटकर अपने सामने वाले राजनीतिक दल पर जितना तीखा चुनावी वार चला सकते हैं चलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं। वह चाहे जो राजनीतिक दल हो सभी की यही हाल है। वर्तमान समय में देखा गया है कि जनसंख्या नियंत्रण, महंगाई, बेरोजगारी जैसे आदि मुद्दे चुनाव में नहीं उठ पाते हैं। जनता चाहती है कि आमदनी के हिसाब से महंगे हो जिस कारण सबसे ज्यादा मार गरीबों पर पड़ता है।
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इसी प्रकार लोग अपने बच्चों को शिक्षित करके नौकरी और रोजगार की तलाश में रहते हैं किंतु जब नहीं मिलता है तो समस्या खड़ी हो जाती है। शायद इस सब का मूल कारण बढ़ती जनसंख्या है। आजादी के समय जो जनसंख्या थी और आज जो जनसंख्या है उसमें बहुत बड़ा अंतर है। किंतु कोई भी राजनीतिक दल बढ़ती जनसंख्या की तरफ निगाह नहीं कर रहा है। जो इस देश और इस क्षेत्र की मूल समस्या का जड़ है।
मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक पार्टियों चुनाव प्रचार के लिए जातिगत आधार पर तोलिया बनाकर प्रचार कर रही है भारतीय जनता पार्टी के 40 विधायक और 7 मंत्री लगातार कैंप करके चुनाव प्रचार कर रहे हैं लेकिन इस बार चुनाव प्रचार में प्रदेश के बाहर के कोई विशेष चुनाव प्रचारक अभी तक नहीं आया है।
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