यूपी में 84 PCS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव, हरदोई की एडीएम प्रियंका सिंह अब लखनऊ में संभालेंगी कमान, देखें पूरी लिस्ट
शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रशासनिक पदों पर भी शासन ने अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया है। वरूण कुमार पाण्डेय, जो झांसी में एडीएम (वि/रा) थे, उन्हें प्रयागराज स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, ज्योत्स्ना
- एडीएम वित्त और सिटी मजिस्ट्रेटों की नई तैनाती, शासन ने जारी की संशोधित तबादला सूची, राजस्व और नगर प्रशासन को नई ऊर्जा देने की कवायद
उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी नवीनतम संशोधित सूची के अनुसार, प्रदेश के 84 वरिष्ठ PCS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया गया है। इस फेरबदल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कई महत्वपूर्ण जिलों के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नगर मजिस्ट्रेट और विकास प्राधिकरणों के सचिवों को इधर से उधर किया गया है। हरदोई से लेकर वाराणसी और लखनऊ से लेकर गाजियाबाद तक, इस प्रशासनिक सर्जरी का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई इस विस्तृत सूची में प्रशासनिक कुशलता और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है। तबादलों के इस दौर में उन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जो लंबे समय से एक ही पद पर तैनात थे। सूची के मुताबिक, वाराणसी के अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार वर्मा को अब सुल्तानपुर का मुख्य राजस्व अधिकारी बनाया गया है। इसी प्रकार, हरदोई में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पद पर तैनात रहीं प्रियंका सिंह का तबादला कर उन्हें लखनऊ में कमाण्डेन्ट, नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। प्रियंका सिंह के स्थान पर अब दीपाली भार्गव हरदोई की नई एडीएम (वि/रा) होंगी, जो इससे पहले अलीगढ़ विकास प्राधिकरण में सचिव के रूप में कार्यरत थीं।
प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक एवं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नगरों के प्रशासन में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के सचिव अजीत कुमार सिंह को मुजफ्फरनगर का नया एडीएम (वि/रा) नियुक्त किया गया है, जबकि उनकी जगह पर गोरखपुर के एडीएम (वि/रा) विनीत कुमार सिंह को प्रयागराज विकास प्राधिकरण का नया सचिव बनाया गया है। वाराणसी में भी प्रशासनिक मजबूती के लिए राजेश कुमार-6 को कानपुर नगर से भेजकर वाराणसी का नया एडीएम (नगर) बनाया गया है। वहीं, अलीगढ़ के एडीएम (प्रशासन) पंकज कुमार अब वाराणसी के नए एडीएम (प्रशासन) की जिम्मेदारी संभालेंगे। इन बदलावों का उद्देश्य इन प्रमुख शहरों में चल रही विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करना और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। राजस्व विभाग के ढांचे में भी शासन ने व्यापक परिवर्तन किए हैं। सिद्धार्थनगर, अमेठी, मेरठ और गाजियाबाद जैसे जिलों के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) बदले गए हैं। अंजनी कुमार सिंह-2, जो गोरखपुर में एडीएम (नगर) थे, उन्हें अब गाजियाबाद का एडीएम (वि/रा) बनाया गया है। इसी तरह कुँवर वीरेन्द्र मौर्य को भदोही से स्थानांतरित कर मेरठ का एडीएम (वि/रा) नियुक्त किया गया है। विशु राजा, जो फिरोजाबाद में एडीएम (वि/रा) थे, अब अयोध्या के नए एडीएम (प्रशासन) होंगे। राजस्व अधिकारियों के इन तबादलों से जिलों में कर संग्रह और भूमि विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
नगरों की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संभालने वाले नगर मजिस्ट्रेटों (सिटी मजिस्ट्रेट) की सूची भी काफी लंबी है। गाजियाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय को खेल निदेशालय में उप निदेशक बनाया गया है, और उनके स्थान पर लखनऊ के एसडीएम सतीश चन्द्र त्रिपाठी को गाजियाबाद का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इसी तरह, अमित शुक्ला को आगरा का नया सिटी मजिस्ट्रेट और युवराज सिंह को मुदाबाद का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। बदायूँ में सुमित सिंह और फर्रुखाबाद में पारूल तरार को नगर मजिस्ट्रेट के रूप में नई तैनाती मिली है। इन नियुक्तियों के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को और अधिक संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रशासनिक पदों पर भी शासन ने अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया है। वरूण कुमार पाण्डेय, जो झांसी में एडीएम (वि/रा) थे, उन्हें प्रयागराज स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, ज्योत्स्ना को अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ का कुलसचिव बनाया गया है। शुभी काकन, जो लखनऊ में एडीएम (प्रशासन) थीं, अब लखनऊ में ही उप आवास आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगी। इन बदलावों से उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित होने की संभावना है।
नगर निगमों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अपर नगर आयुक्तों के पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं। दुर्गेश मिश्रा को गोरखपुर से स्थानांतरित कर वाराणसी का अपर नगर आयुक्त बनाया गया है, जबकि अमृता सिंह को रायबरेली से कानपुर नगर निगम में अपर नगर आयुक्त के पद पर भेजा गया है। अभिनव रंजन श्रीवास्तव, जो इटावा में एडीएम (वि/रा) थे, उन्हें अब लखनऊ नगर निगम का अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। नगर निगमों में इन अधिकारियों की तैनाती से स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और सफाई व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। स्थानांतरण की इस संशोधित सूची में कनिष्ठ स्तर के अधिकारियों को भी पदोन्नति और महत्वपूर्ण जिलों में काम करने का अवसर दिया गया है। कई जिलों के उपजिलाधिकारियों (SDM) को अब नगर मजिस्ट्रेट या एडीएम के रूप में प्रमोट किया गया है। शासन ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अविलंब अपने नवीन तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें।
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