राममंदिर में एसएसएफ जवान की गोली लगने से मौत: मृतक जवान के भाई दिलीप ने की मामले के जांच की मांग।

Jun 19, 2024 - 16:52
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राममंदिर में एसएसएफ जवान की गोली लगने से मौत: मृतक जवान के भाई दिलीप ने की मामले के जांच की मांग।
  • जवान ने खुद को मारी थी गोली-एसएसपी

अयोध्या के राम जन्म भूमि की सुरक्षा में तैनात एसएसएफ जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। मौके पर तैनात साथी सुरक्षा कर्मियों ने जवान को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर ने जवान को मृत घोषित कर दिया। मृतक जवान अंबेडकर नगर का रहने वाला था। जवान की मौत के बाद रामजन्मभूमि परिसर में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पर आईजी प्रवीण कुमार,एसएसपी राज करन नैय्यर मौके पर पहुंचे।

घटना बुधवार को सुबह 5 बजकर 25 मिनट की है। मृतक जवान शत्रुघ्न विश्वकर्मा अंबेडकर नगर का रहने वाला था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर परिसर में सुबह गोली चलने की आवाज आई। साथी सुरक्षाकर्मी दौड़कर पहुंचे तो देखा कि जवान के माथे पर गोली लगी थी। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया।

जवान की मौत से मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। आईजी और एसएसपी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की जांच की। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि यह आत्महत्या या हादसा हो सकता है। जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही वजह स्पष्ट होगी।

शत्रुघ्न विश्वकर्मा 2019 बैच का था। अंबेडकरनगर के थाना सम्मनपुर के गांव कजपुरा का रहने वाला था जोकि एसएसएफ में तैनात था। एसएसएफ फोर्स को मंदिर की सुरक्षा तैनात किया गया था। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से परेशान चल रहा था। पुलिस ने जवान के परिवार को सूचना दे दी है।

परिजन मौके पर पहुंच गए हैं। मृतक जवान के भाई दिलीप ने मामले की जांच करवाने की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है कि जवान के माथे पर गोली कैसे लगी? एसएसपी की कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सभी चीजें स्प्ष्ट हो जाएंगी।

3 महीने पहले हुई थी कमांडो की गोली लगने से मौत

राम मंदिर परिसर में 3 महीने पहले भी पीएसी के कमांडो की गोली लगने से मौत हो गई थी। बताया गया था कि जवान अपना हथियार साफ कर रहा था। उसी वक्त अचानक गोली चल गई, जो कि सीने के आरपार हो गई थी। 

4 साल पहले हुआ था एसएसएफ का गठन 

एसएसएफ यानी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन योगी सरकार ने चार साल पहले किया था। एसएसएफ को बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार है। घर की तलाशी की पावर, सहित अनेक असीमित अधिकार हैं। फोर्स का नेतृत्व एडीजी स्तर का अधिकारी करता है।

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