Fake Court Case: पहले बनायी खुद की अदालत, फिर सरकारी जमीन पर आदेश पारित कर दिया, पढ़िए गुजरात के नटवरलाल की कहानी

शख्स ने फर्जी जज बनकर विवादित जमीन पर भी फैसला भी सुनाया, आरोपी का नाम मॉरिस सैमुअल है। गुजरात के गांधीनगर में एक व्यक्ति द्वारा अपने ऑफिस में फर्जी अदालत (Fake court in office)खोलकर जज की तरह आदेश पारित करने का मामला सामने आया है।

Oct 22, 2024 - 21:57
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Fake Court Case: पहले बनायी खुद की अदालत, फिर सरकारी जमीन पर आदेश पारित कर दिया, पढ़िए गुजरात के नटवरलाल की कहानी

 

Ahmedabad Fake Court.

फिल्म नटवरलाल में मुख्य किरदार के कारनामों को कौन नहीं जानता, नटवरलाल ने सरकारी तंत्र पर एक तरह से अपने कण्ट्रोल में ले लिया था, अहमदाबाद से एक ऐसा ही नटवरलाल सामने आया है, जिसने खुद की अदालत खोल ली, जिसमें जज फर्जी, वकील फर्जी, सारा स्टाफ फर्जी, यहाँ तक कि सरकारी जमीन से जुड़े एक मामले में उसने अपना आदेश भी अपने मुवक्किल के पक्ष में दे दियागुजरात के अहमदाबाद से एक शख्स का नकली जज बनने का मामला सामने आया है। शख्स ने फर्जी जज बनकर विवादित जमीन पर भी फैसला भी सुनाया, आरोपी का नाम मॉरिस सैमुअल है। गुजरात (Gujarat)के गांधीनगर(Gandhinagar) में एक व्यक्ति द्वारा अपने ऑफिस में फर्जी अदालत (Fake court in office)खोलकर जज की तरह आदेश पारित (Order passed)करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गुजरात पुलिस ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गांधीनगर में एक व्यक्ति ने अपने ऑफिस में फर्जी न्यायाधिकरण (Tribunal) स्थापित कर लिया। साथ ही खुद को उसका जज पेश कर वास्तविक अदालत जैसा माहौल बनाते हुए आदेश भी पारित कर दिए। पुलिस ने बताया कि आरोपी मॉरिस सैमुअल क्रिश्चियन(Morris Samuel Christian) ने 2019 में सरकारी जमीन से जुड़े एक मामले में अपने मुवक्किल के पक्ष में आदेश पारित किया था।

पुलिस का कहना है कि यह इस बात संकेत है कि यह फर्जी अदालत कम से कम पिछले पांच साल से चल रही थी। मॉरिस केस से जुड़ी दलीलें सुनता और ट्रिब्यूनल के अधिकारी के रूप में आदेश पारित करता था। इतना ही नहीं, उसके साथी अदालत के कर्मचारी या वकील के रूप में खड़े होकर यह दिखाते थे कि कार्रवाई असली है। इस तरकीब से आरोपी मॉरिस 11 से ज्यादा मामलों में अपने पक्ष में ऑर्डर पारित कर चुका था। बताया जा रहा है मॉरिस उन लोगों को फंसाता था, जिनके जमीनी विवाद को लेकर चल रहे केस पेंडिंग थे और ये सभी केस शहर के सिविल कोर्ट में पेंडिंग थे, साथ ही वह अपने मुवक्किलों से उनके मामले को सुलझाने के लिए फीस के तौर पर कुछ पैसा लेता था, वह अक्सर मुवक्किलों को गांधीनगर में अपने ऑफिस में बुलाता था। ऑफिस को बिल्कुल अदालत की तरह डिजाइन किया गया था। साथ ही मणिनगर पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ पहले से एक और मामला दर्ज है, जिसमें धारा 406, 420, 467, 468 और 471 शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांज गहराई से जारी हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 170, 419, 420, 465, 467 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है।

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