उज्जैन बड़नगर में समधी-समधन का प्रेम प्रसंग: 45 वर्षीय महिला ने पति व बच्चों को छोड़ भागी, पुलिस ने ढूंढकर थाने पहुंचाया।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। 45 वर्षीय एक महिला ने अपनी बेटी के होने वाले समधी यानी ससुर के साथ प्रेम
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। 45 वर्षीय एक महिला ने अपनी बेटी के होने वाले समधी यानी ससुर के साथ प्रेम संबंध बनाए और पति व दो बच्चों को छोड़कर घर से फरार हो गई। यह प्रेम प्रसंग तब उजागर हुआ जब पति ने आठ दिन बाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बड़नगर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और महिला को इंदौर के पास एक होटल से बरामद कर लिया। महिला ने थाने पहुंचकर खुलासा किया कि वह जबरन शादी का शिकार हुई थी और समधी के साथ ही रहना चाहती है। यह घटना न केवल पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं को दर्शाती है, बल्कि समाज में प्रेम व स्वतंत्रता के नाम पर उठाए जाने वाले कदमों पर भी सवाल खड़े करती है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं, लेकिन कोई अपराध न होने पर मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोग इसे अलीगढ़ व बदायूं जैसे मामलों से जोड़कर देख रहे हैं, जहां रिश्तेदारों के बीच प्रेम प्रसंग चर्चा का विषय बने।
घटना बड़नगर थाना क्षेत्र के ग्राम ऊंटवासा की है, जो उज्जैन से करीब 50 किलोमीटर दूर एक छोटा सा गांव है। यहां की रहने वाली 45 वर्षीय महिला का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन बताया जाता है कि वह एक साधारण गृहिणी हैं। महिला की शादी करीब 25 वर्ष पहले हुई थी, जिसमें दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा 22 वर्ष का है, जबकि छोटा बेटा 18 वर्ष का। महिला की एक बेटी की शादी तय हो चुकी थी, जो बड़नगर के ही एक परिवार के लड़के से होने वाली थी। इस रिश्ते के कारण समधी परिवार से संपर्क बढ़ा। समधी 50 वर्षीय एक व्यापारी हैं, जो बड़नगर में ही रहते हैं। प्रारंभ में रिश्ते सामान्य थे, लेकिन शादी की तैयारियों के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। महिला के पति एक किसान हैं, जो खेतों में मेहनत करते हैं। पति के अनुसार, शादी तय होने के बाद समधी अक्सर घर आते-जाते थे। वे महिला से बातें करते और कभी-कभी देर रात तक रुक जाते। पति को शक हुआ, लेकिन उन्होंने इसे रिश्ते की मजबूरी समझा।
महिला के फरार होने की घटना 24 अक्टूबर 2025 को हुई। उस दिन सुबह महिला ने घर का काम किया और दोपहर में बाहर जाने का बहाना बनाकर निकल गई। शाम तक न लौटने पर पति ने तलाश शुरू की। पूरे गांव में खोजबीन की, लेकिन कहीं सुराग न मिला। अगले दिन 25 अक्टूबर को पति बड़नगर थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने तुरंत टीम गठित की। जांच में पता चला कि महिला समधी के साथ इंदौर की ओर गई है। समधी का फोन भी बंद था। पुलिस ने दोनों के मोबाइल लोकेशन ट्रैक की और इंदौर पुलिस से संपर्क साधा। आठ दिन की मशक्कत के बाद 1 नवंबर को दोनों को इंदौर के एक होटल से बरामद कर लिया गया। होटल में वे एक कमरे में रुके हुए थे। महिला ने पुलिस को बताया कि वह समधी से प्यार करती है और उनके साथ ही रहना चाहती है। समधी ने भी कहा कि दोनों ने अपनी सहमति से यह कदम उठाया है।
थाने लाने पर महिला ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनकी शादी जबरन हुई थी। पिता ने उनकी मर्जी के बिना शादी कर दी थी। शादी के बाद पति का व्यवहार ठीक था, लेकिन भावनात्मक रूप से वह अकेली महसूस करती रहीं। समधी से मिलने पर उन्हें अपनापन मिला। महिला ने कहा कि बच्चे बड़े हो चुके हैं, वे खुद संभल लेंगे। मैं अब अपनी जिंदगी खुद जीना चाहती हूं। पति ने इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि शादी में कोई जबरदस्ती नहीं हुई। महिला अक्सर समधी को घर बुलाती थीं। मैं खेत पर होता था, इसलिए नजर न रख सका। अब रिश्ता टूट चुका है। बेटे ने बताया कि मां का व्यवहार पिछले छह महीनों से बदला था। वे अक्सर देर से घर लौटतीं और समधी के फोन पर बातें करतीं। हमने मना किया, लेकिन उन्होंने नहीं माना। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया। थाना प्रभारी ने कहा कि कोई अपराध नहीं हुआ, लेकिन पारिवारिक मामला है। हम काउंसलर की मदद से सुलझाने की कोशिश करेंगे।
यह घटना ऊंटवासा गांव में शॉक की तरह फैली। ग्रामीणों ने कहा कि रिश्तों की पवित्रता खतरे में है। एक बुजुर्ग ने बताया कि शादी तय होने के बाद समधी का आना-जाना बढ़ गया था। कभी वे गिफ्ट लाते, कभी बातें करते। किसी ने शक न किया। एक महिला ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया ने रिश्तों को कमजोर कर दिया है। लेकिन यहां मामला पारंपरिक था। सोशल मीडिया पर खबर वायरल हो गई। फेसबुक और ट्विटर पर लोग इसे सास-दामाद या समधी-समधन प्रेम कहानी से जोड़ रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा गया कि उज्जैन में भी अलीगढ़ का सिलसिला चल पड़ा। एक अन्य ने कहा कि प्रेम में उम्र व रिश्ते मायने नहीं रखते। लेकिन बच्चे निर्दोष हैं। वायरल होने से मीडिया पहुंचा। आजतक ने विशेष कवरेज किया, जहां थाने की फोटो दिखाई गई। महिला थाने में बैठी नजर आ रही है। पुलिस ने गोपनीयता बनाए रखी है।
यह प्रकरण मध्य प्रदेश में पारिवारिक विवादों की बढ़ती संख्या को दर्शाता है। राज्य में सालाना हजारों तलाक व गुमशुदगी के मामले दर्ज होते हैं। उज्जैन जिले में ही पिछले साल 200 से ज्यादा पारिवारिक मामले थानों में आए। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तनाव व सामाजिक बदलाव इसका कारण हैं। ग्रामीण इलाकों में शादियां जल्दी तय होती हैं, लेकिन भावनात्मक समझ कम। महिला संगठनों ने कहा कि स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन बच्चों का भविष्य सोचना जरूरी। गांव में पंचायत बुलाई गई, जहां दोनों परिवारों को बुलाया गया। लेकिन महिला ने साफ कहा कि वह वापस नहीं लौटेगी। समधी ने भी समर्थन किया। पति ने बच्चों के भरण-पोषण की मांग की। पुलिस मध्यस्थता कर रही है। अगर सहमति न बनी तो अदालत का रुख हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने जागरूकता अभियान की योजना बनाई है। थाना प्रभारी ने कहा कि हम परिवार परामर्श केंद्र खोलेंगे। जहां ऐसी समस्याओं का समाधान हो। ऊंटवासा जैसे गांवों में शिक्षा व जागरूकता कम है। बच्चे स्कूल जाते हैं, लेकिन माता-पिता के फैसले प्रभावित करते हैं। महिला के बेटे ने कहा कि हम मां को मनाएंगे, लेकिन सम्मान से। समधी का परिवार शर्मिंदा है। उनकी बेटी की शादी टूटने का खतरा है। लेकिन प्रेम प्रसंग के कारण रिश्ता रद्द हो चुका। गांव वाले चर्चा कर रहे हैं कि क्या शादी होनी चाहिए। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है। प्रेम स्वाभाविक है, लेकिन रिश्तों का सम्मान भी जरूरी।
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