Hardoi: श्रीमद्भागवत कथा में बही भक्ति की रसधार, जि. पं. अ. प्रेमावती वर्मा ने किया 'मेरे जीवन के प्रेरक प्रसंग' पुस्तक का विमोचन
नौसिखिया अवस्था में भक्त को अन्य भक्तों के हाथ रहकर भक्ति करनी चाहिए ।परिपक्व होने पर एकांत भक्ति की जा सकती है।
Hardoi News INA.
शहर के नुमाइश ग्राउंड स्थित योगेश पैलेस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वृंदावन से पधारे कथाव्यास कविचंद्र दास ने बताया कि मांसाहार करने वालों की पूजा अर्चना भगवान कभी ग्रहण नहीं करते. उनकी अकाल मृत्यु होती है, उनकी कोई प्रार्थना स्वीकार नहीं होती और उन्हें कुंभीपाक नरक में दंडित किया जाता है। नौसिखिया अवस्था में भक्त को अन्य भक्तों के हाथ रहकर भक्ति करनी चाहिए ।परिपक्व होने पर एकांत भक्ति की जा सकती है। भक्त का कभी पतन नहीं होता ; उसकी की हुई भक्ति कभी नष्ट नहीं होती। अगले जन्म में उसको पुनः वहीं से भक्ति करने का अवसर मिलता है,जहां उसने पिछले जन्म में छोड़ा था।...भक्त प्रह्लाद ने बिलकुल निष्काम भक्ति की थी।
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हिरण्यकशिपु के अत्याचारों से बचने के लिए भी उन्होंने भगवान को कभी नहीं पुकारा,किंतु फिर भी भगवान ने उनका बाल भी बांका नहीं होने दिया।...तुलसी की कंठी गले में पहनने से पूरा शरीर भगवान को अर्पित हो जाता है,कंठ सुरीला होता है,शरीर शीतल रहता है और कभी भी एक्सीडेंट में मृत्यु नहीं होती।तुलसी कंठी पहनने वाला जब स्नान करता है तो तुलसी का स्पर्श करके जब जल शरीर पर गिरता है तो समस्त तीर्थों में स्नान करने का फल मिल जाता है।...कथा के मध्य में कथाव्यास जी द्वारा लिखित आत्मकथा की पुस्तक "मेरे जीवन के प्रेरक प्रसंग" का विमोचन जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र, गोविंद राधे समिति अध्यक्ष अमित गुप्ता,समासद प्रभाकर अग्निहोत्री और अनुराग दीक्षित द्वारा हुआ। अंत में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव खूब धूमधाम से मनाया गया। इस कथा में अमित गुप्ता,प्रभाकर अग्निहोत्री, अनुराग दीक्षित, राजेश गुप्ता, अरविंद अवस्थी, राजू तिवारी, भरत पाण्डेय, अलोक गुप्ता, पियूष भारद्वाज, अरविन्द मिश्रा, रामसेवक शर्मा, मंजू गुप्ता, अजय मिश्रा, नीतू द्विवेदी, सत्यवती शुक्ला, , राम प्रकाश मिश्रा, विपिन कनौजिया, आदि उपस्थित थे।
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