हरदोई: एड. कनिष्क मेहरोत्रा मर्डर केस का खुलासा, प्रोपर्टी विवाद में हुई थी हत्या
Reported by - Vijay laxmi singh
हाईलाइट्स:
- 4 लाख की सुपारी देकर कराया था मर्डर, पुलिस ने अब तक 5 को पकड़ा
- सपा नेता वीरे यादव व शूटर भी गिरफ्तार, हत्या से पहले अपना हुलिया बदलवाया था
- हत्या से पहले पी थी शराब, CCTV व CDR की मदद से पुलिस ने किया पर्दाफाश
- वाणिज्यिक उपक्रम शुरू करना चाहते थे आरोपी, प्री-प्लान कर दी थी सुपारी
- एसपी नीरज कुमार जादौन ने प्रेस कांफ्रेंस कर वकीलों का आभार जताया
हरदोई।
एड. कनिष्क मेहरोत्रा मर्डर केस का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। इस वीभत्स मर्डर की घटना में पुलिस ने अब तक सपा नेता सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। खुलासा करते हुए एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि यह मर्डर प्रॉपर्टी विवाद को लेकर किया गया था। जिसमें पकड़े गए सपा नेता की कुंडली आपराधिक इतिहास से भरी पड़ी है। ज्ञातव्य है कि बीते 30 जुलाई को देर शाम शहर के सीनियर एड. कनिष्क मेहरोत्रा को गोली मार दी गयी थी, जिसके उपरांत लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस मर्डर केस के खुलासे को लेकर एसपी नीरज कुमार जादौन के आदेश पर पुलिस उसी समय आरोपियों की धर-पकड़ में जुट गई थीं। जिसमें बीते गुरुवार देर रात एक शूटर नीरज पुत्र संतराम निवासी गांव झरोईया, हरदोई को पुलिस ने गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ा था। इससे पहले पुलिस ने सपा नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरे यादव निवासी गांव बरगदापुर, थाना अरवल, हरदोई को हिरासत में लिया था। जानकारी के मुताबिक, यह हत्या एक मकान पर कब्जा करने को लेकर हुई थी, जिसमें मृत एड. कनिष्क मेहरोत्रा रह रहे थे। इस मकान की मौजूदा कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है। 2011 में यह मकान खरीदा गया था, जिसमें आदित्य भान सिंह उर्फ लालू सिंह पुत्र स्व. राजवर्धन सिंह निवासी सरांय थोक पश्चिमी हरदोई, शिखर गुप्ता पुत्र राकेश कुमार गुप्ता निवासी धर्मशाला रोड़ निकट रफी अहमद चौराहा, हरदोई, सपा नेता वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरे यादव व नृपेंद्र त्रिपाठी पुत्र रामकृष्ण त्रिपाठी निवासी 290/14 रामनगर कॉलोनी लखनऊ रोड़ हरदोई सहित 3 अन्य लोग पार्टनर थे।
बाद में शेष पार्टनर इससे अलग हो गए लेकिन मौजूदा समय में आदित्यभान, वीरे यादव, शिखर गुप्ता और नृपेंद्र ये 4 पार्टनर्स थे। ये चारों मृत एड. कनिष्क मेहरोत्रा पर मकान को खाली करने का दबाव बना रहे थे लेकिन इस मकान में किराए पर रह रहे मृत एड. कनिष्क मेहरोत्रा ने मकान खाली नहीं किया। कनिष्क मेहरोत्रा ने इस मकान में किराए पर दो कमरे ले रखे थे, जिसमें से छोटे कमरे में उनका ऑफिस था और दूसरे में वे रहते थे। एड. कनिष्क मेहरोत्रा द्वारा यह मकान खाली न करने की स्थिति में उक्त चारों ने एक अलग प्लान बनाया। आदित्यभान पहले डेरी का बिजनेस करता था, जिसमें उसके साथ रामू नाम का व्यक्ति भी काम करता था, जोकि पेशे से एक बदमाश है। उक्त चारों ने रामू को एड. कनिष्क मेहरोत्रा को मारने के लिए 4 लाख की सुपारी दी थी। जिसमें से 1 लाख 40 हजार रुपए रामू को दिए जा चुके थे। इन रुपयों में से नृपेंद्र ने 50,000 रुपये, वीरे यादव ने 50,000 रुपये और आदित्यभान ने 40,000 रुपये दिए थे जबकि शिखर गुप्ता ने काम खत्म हो जाने के बाद रुपये देने की बात कही थी। घटना वाले दिन शूटर रामसेवक उर्फ लल्ला और नीरज जोगीपुर गांव में मिले। उसी दिन लल्ला ने आदित्यभान को फोन किया और कहा कि हम लोग आज काम करने जा रहे हैं। एड. कनिष्क मेहरोत्रा को गोली मारने के बाद भी लल्ला ने आदित्यभान को फोन करके कहा था कि काम हो गया है।
गोली मारने से पहले पी थी शराब..
एड. कनिष्क मेहरोत्रा को गोली मारने से पहले रामसेवक उर्द लल्ला, राजवीर और नीरज ने घटना वाले दिन अलग-अलग शराब ठेकों पर जाकर शराब भी पी थी। आदित्यभान द्वारा दी गयी बाइक घटना से पहले पंचर हुई और उक्त आरोपी पंचर बनवाने सिनेमा रोड़ पर गए थे। उसके बाद सर्कुलर रोड़ पर शराब पी, उसके बाद उक्त आरोपियों ने नुमाइश रोड़ पर फिर खरीदकर शराब पी।
कोर्ट मैरिज के सिलसिले में बात करने का बहाना बनाया..
घटना वाले दिन राजवीर, नीरज और लल्ला बाइक से एड. कनिष्क मेहरोत्रा के घर गए। जिसके बाद राजवीर बाइक के पास बाहर ही खड़ा रहा और शूटर नीरज व लल्ला घर के भीतर गए। उन्होंने मुंशी गिरीश चंद्र से कहा कि उन्हें कोर्ट मैरिज के सिलसिले में कनिष्क मेहरोत्रा से कुछ बात करनी है और उसके बाद जब कनिष्क उनसे मिलने आये तो एक ने फ़ाइल आगे बढ़ाई और दूसरे ने उनकी कनपटी पर गोली दाग दी और फिर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
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CCTV फुटेज और CDR से हुआ खुलासा..
पुलिस के मुताबिक, पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस को एक शराब के ठेके का भी फुटेज मिला, जहां शूटर्स ने शराब पी थी। पुलिस को आरोपी आदित्यभान और शूटर की बातचीत का CDR भी मिला था।
घटना से पहले हुलिया भी बदलवाया था..
शूटर नीरज ने घटना से पहले शाहजहांपुर रोड़ पर स्थित एक नाई की दुकान में अपना हुलिया भी बदलवाया था। उसने अपने सिर के बाल और दाढ़ी भी वहां बनवाई थी। पुलिस आरोपियों को तलाश करते-करते जब वहां पहुंची तो नाई ने आरोपियों की पहचान बताने में पुलिस का सहयोग भी किया।
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3 आरोपी अभी भी फरार, पुलिस कर रही तलाश..
एड. कनिष्क मेहरोत्रा मर्डर केस में रामू, लल्ला और राजवीर अभी भी फरार हैं। पुलिस टीम इन आरोपियों की धर-पकड़ में जुटी हुई है। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
रफी अहमद चौराहे पर मिलते थे आरोपी..
एसपी ने खुलासा करते हुए बताया कि इस घटना के प्लान को लेकर आदित्यभान, वीरे यादव, नृपेंद्र और शिखर आपस में मिलते रहते थे। ये अधिकतर शिखर के घर के नजदीक रफी अहमद चौराहे के आसपास ही मिलकर मर्डर का प्लान बनाते थे। जिसके बाद इन्होंने रामू को सुपारी दी और रामू ने लल्ला, नीरज और राजवीर को पूरा प्लान तैयार करके दिया।
एसपी ने वकीलों का जताया आभार, वकीलों ने भी एसपी को किया धन्यवाद..
घटना वाले दिन के बाद से ही शहर के वकीलों में रोष व्याप्त रहा। वकील आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर इसका विरोध भी कर चुके थे। कई जगह वकीलों ने ज्ञापन भी दिया था। घटना के खुलासे के बाद एसपी नीरज कुमार जादौन ने शुक्रवार को हरदोई बार एसोसिएशन द्वारा कचहरी परिसर में आयोजित बैठक में वकीलों को उनके सहयोग के लिए आभार प्रकट किया तो वहीं वकीलों ने भी घटना के शीघ्र खुलासे व आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एसपी सहित पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।
आरोपियों की धर-पकड़ को 7 से ज्यादा टीमें लगाई थीं..
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने एड. कनिष्क मेहरोत्रा मर्डर केस खुलासे को लेकर 7 से भी ज्यादा टीमों का गठन कर आरोपियों को पकड़ने का आदेश दिया था। पुलिस की टीमों ने एसपी के निर्देशन में घटना के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए काम किया और शीघ्र ही इस घटना के आरोपियों को पकड़ लिया।
वकीलों ने शहर कोतवाल को हटाए जाने की मांग की..
घटना के खुलासे के बाद जब एसपी नीरज कुमार जादौन वकीलों से मिलने पहुंचे तो वकीलों ने शहर कोतवाल संजय पांडे की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई और उन्हें हटाये जाने की मांग रखी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण दत्त शुक्ला ने कहा कि शहर कोतवाल का वकीलों व उनके परिजनों के साथ बातचीत करने का तरीका काफी अभद्र है। शहर कोतवाल द्वारा कई बार वकीलों को अपमानित किया जा चुका है। लगभग हर थाने में वकीलों को कोई सम्मान नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कनिष्क मर्डर केस में डीएम कहीं भी नजर नहीं आये और ये हमारे लिए काफी निराशाजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी वकील इस घटना के आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा।
सपा नेता वीरे यादव का आपराधिक इतिहास है पुराना..
घटना में मुख्य योजना बनाने वाले आरोपियों में से एक सपा नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरे यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इससे पहले भी वीरे यादव पर माधौगंज, अरवल, गुरसहायगंज, बिलग्राम, कोतवाली देहात, कोतवाली शहर आदि थानों में गुंडा एक्ट सहित कई अन्य संगीन मामलों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
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