हरदोई न्यूज़: स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नोडल अधिकारी बनकर करते हैं ठगी।

By INA News Desk
Jun 22, 2024 - 20:45
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हरदोई न्यूज़: स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नोडल अधिकारी बनकर करते हैं ठगी।
  • मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची

हरदोई। स्वास्थ्य विभाग में इस समय एक से एक बढ़कर नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं सेहत विभाग का एक नया कारनामा टडियावा  क्षेत्र से सामने आया है यहां शाहाबाद सीएससी में तैनात दो स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धन उगाही की नीयत से सीएससी प्रभारी की निजी कार से टडियावा पहुंचे और अपने को स्वास्थ्य विभाग का नोडल अधिकारी बताते हुए एक प्राइवेट लैब से मशीन उठा ली।

लेकिन जब मामला पूछ-ताछ  मे संदिग्ध प्रतीत हुआ तो दोनों कर्मचारी भाग खड़े हुए यही नहीं आसपास के एकत्रित लोगों ने इन दोनों को दौड़ा भी लिया तथा मोबाइल से फोटो भी खींच ली जानकारी के अनुसार शाहाबाद सीएससी पर तैनात लैब टेक्नीशियन कुलदीप तथा बेसिक हेल्थ वर्कर शाश्वत त्रिवेदी हुंडई की कार नंबर UP 32 KU 8860 से टड़ियावां के एसबी पैथ लैब पहुंचे तथा बिना पूछताछ किये मशीन उठाकर गाड़ी में रखने लगे।

जब पूछा गया कि आप कौन हैं तो अपने को स्वास्थ्य विभाग का नोडल अधिकारी बताया लेकिन मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर संचालक समेत अन्य लोगों ने पूछताछ करनी शुरू कर दी इसी बीच भीड़ बढ़ती देख दोनों तथा कथित नोडल अधिकारी भाग खड़े हुए प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार वहां एकत्रित भीड़ ने इन दोनों को दौड़ाया भी लेकिन कार से यह दोनों भागने में सफल रहे।

इसके बाद पैथ लैब के संचालक शिवाकांत त्रिपाठी ने मामले से सीएमओ कार्यालय को अवगत कराया तथा मुख्यमंत्री को शिकायत भेज कर कार्यवाही की मांग की है लैव संचालक ने बताया कि यह दोनों कर्मचारी अपने को नोडल अधिकारी बताकर अक्सर ठगी करते रहते हैं उन्होंने मुख्यमंत्री से रिपोर्ट दर्ज करवाकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

वही इस संबंध में सीएससी प्रभारी प्रवीण दीक्षित ने बताया कि वह टडियावा को स्वयं गए थे लेकिन जब उनसे पूछा गया क्या वह टडियावा के नोडल अधिकारी हैं तो उन्होंने बताया कि पहले नोडल अधिकारी  थे लेकिन अब नहीं है जब उनसे पूछा गया कि आज आप वहां कैसे पहुंच गए तो उन्होंने बताया कि उन्हें आज ही पता चला कि वह टडियावा के नोडल अधिकारी पद  पर अब नहीं है।

उन्होंने पैथ लैब की मशीन उठाने साफ इनकार किया है सीएससी प्रभारी दीक्षित का पक्ष भी संदिग्ध प्रतीत होता है क्योंकि यह संभव नहीं है कि बिना नोडल अधिकारी के पद पर तैनात टडियावा कैसे पहुंच गए ड्यूटी शाहाबाद में टडियावा किस तरह से अपने प्राइवेट वाहन से पहुंचे यह जांच का विषय है।

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